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Iran: खामेनेई के किस बयान पर ईरान ने दी US को चेतावनी? कहा- बात समझ आ गई हो तो तुरंत भाग जाएं अमेरिकी सैनिक

Sun, 19 Jul 2026 07:32 AM IST
अमन तिवारी एएनआई, तेहरान

सार

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिकी सेना सर्वोच्च नेता खामेनेई के बयान का मतलब समझ ले, तो वह तुरंत भाग जाएगी।
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इब्राहिम अजीजी, ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका को एक नई चेतावनी दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शनिवार को एक पोस्ट लिखी। पोस्ट में अजीजी ने कहा कि अगर अमेरिकी सैनिक ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के हालिया बयान का असली मतलब समझ लें, तो वे भागने में एक सेकंड भी बर्बाद नहीं करेंगे। खामेनेई ने हाल ही में अमेरिका को कभी न भूलने वाले सबक (अविस्मरणीय सबक) सिखाने की बात कही थी। अजीजी का यह बयान तेहरान और वाशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है।
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सर्वोच्च नेता खामेनेई का अमेरिका पर तीखा हमला
इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने देश के नाम अपने संदेश में अमेरिका पर कड़ा प्रहार किया था। उन्होंने अमेरिका को 'महान शैतान' (ग्रेट सैटन) कहा। खामेनेई ने घोषणा की कि 14 सूत्रीय सहमति पत्र (MoU) पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर पूरी तरह से बेकार और साखहीन हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वाशिंगटन ने ईरान पर सैन्य हमले जारी रखे, तो ईरान और उसका 'प्रतिरोध मोर्चा' (रेसिस्टेंस फ्रंट) उसे ऐसे सबक सिखाएंगे जिन्हें वह कभी नहीं भूल पाएगा।

अमेरिका पर समझौते तोड़ने के गंभीर आरोप
खामेनेई ने अमेरिका पर ईरान के साथ समझौतों का बार-बार उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन उल्लंघनों ने एक बार फिर वाशिंगटन की बेईमानी, अतार्किकता, अविश्वसनीयता और दुर्भावनापूर्ण व्यवहार को उजागर कर दिया है। खामेनेई के अनुसार, दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच हुए समझौते को अमेरिका ने बार-बार तोड़ा है। इससे यह बुनियादी सच सामने आ गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की कोई कीमत नहीं है। उन्होंने कहा कि जबरदस्ती, तानाशाही और क्रूरता अमेरिकी नीतियों के मुख्य हिस्से हैं। अमेरिकी हरकतों ने उसका असली और बेनकाब चेहरा सबके सामने ला दिया है। उन्होंने इसे अपराध और वादे तोड़ने का एक और उदाहरण बताया।
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समझौता टूटने से बढ़ा पश्चिम एशिया में तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच यह तनाव पिछले महीने हस्ताक्षरित 14 सूत्रीय सहमति पत्र (MoU) के टूटने के बाद बढ़ा है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी को खत्म करना था। साथ ही इसके जरिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में समुद्री सुरक्षा पर बातचीत का रास्ता खोलना था। इस समझौते के टूटने से पश्चिम एशिया में संघर्ष फिर से शुरू हो गया है। अमेरिका ने ईरान के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। खामेनेई ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी दुश्मन संघर्ष को और बढ़ाता है, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
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