चीन ने ईरान के मिसाइल हमलों के बाद संयम बरतने का आग्रह किया
अमेरिकी और ब्रिटिश सैनिकों के इराकी ठिकानों पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद चीन ने सभी पक्षों से संयम बरतने की बुधवार को अपील की। चीन ने कहा कि वह तनाव की इस स्थिति को कम करने में मदद करने के लिए जिम्मेदार भूमिका निभाएगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पश्चिम एशिया में हालात बदतर हों, यह किसी भी पक्ष के हित में नहीं है। हम संबंधित पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हैं।
ईरान ने दी थी अमेरिकी बलों पर मिसाइल हमले की सूचना: इराक
इराक के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बुधवार को कहा कि उसे ईरान से एक आधिकारिक मौखिक संदेश’’ मिला था जिसमें इराक में मौजूद अमेरिकी बलों पर मिसाइल हमले की सूचना दी गई थी। कार्यालय ने कहा कि हमें ईरान इस्लामी गणराज्य से एक आधिकारिक मौखिक संदेश मिला कि कासिम सुलेमानी की हत्या के जवाब में कार्रवाई शुरू हो गई है या थोड़ी देर में शुरू हो सकती है, और ठिकानों का ब्योरा दिए बिना कहा गया कि हमला इराक स्थित अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों तक सीमित रहेगा।
ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामनेई ने कहा कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किया गया हमला सफल रहा और पिछली रात हमने अमेरिका के घमंड पर तमाचा जड़ा है। उन्होंने जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या को शहादत बताते हुए कहा कि ईरान कभी उनके योगदान को नहीं भूल सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने सुलेमानी को आतंकी घोषित करने की कोशिश की। यह अन्यायपूर्ण है, अमेरिकी झूठे हैं।
ईरान ने दावा किया है कि इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बुधवार को किए गए मिसाइल हमलों में 80 लोगों की मौत हुई है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस हमले के बाद से इस्राइल और सऊदी अरब अलर्ट पर हैं। ईरान ने इस्राइल के हाइफा शहर और सऊदी अरब पर भी हमले की चेतावनी दी है। इसके बाद से ही दोनों देशों की सेनाएं हाई अलर्ट पर हैं। उधर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सैन्य कमांडरों की बैठक बुलाई है। जिसमें सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर विचार किया जाएगा।
ताजा हमले के बाद अमेरिका ने तत्काल प्रभाव से ईरान और इराक के ऊपर से किसी भी अमेरिकी फ्लाइट के गुजरने पर पाबंदी लगा दी है। अमेरिका को आशंका है कि ईरान समर्थित विद्रोही संगठन अमेरिकी हवाई जहाजों को निशाना बना सकते हैं। कुछ दिनों पहले भी अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि विद्रोहियों के पास विमान को मार गिराने वाली मिसाइलें हैं।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सुलेमानी को राक्षस करार दिया। उन्होंने कहा कि उसे सब राक्षस बुलाते थे, वह एक राक्षस था, अब वह राक्षस नहीं रहा, वह मर गया। उन्होंने आगे कहा, 'वह हम पर और दूसरे देशों पर एक बड़े और घातक हमले की योजना बना रहा था। हमने उसे रोक दिया।'