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प. एशिया संघर्ष: अमेरिका से शांति समझौते पर पेजेशकियन का बड़ा बयान, बोले- नहीं चाहते युद्ध, लेकिन झुकेंगे नहीं

Sun, 30 Aug 2026 08:08 AM IST
Devesh Tripathi आईएएनएस, तेहरान

सार

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका के साथ हुए समझौते को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की दिशा में अहम कदम बताया है। उनके बयान के साथ ही तेहरान ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह टकराव खत्म करने के पक्ष में है, लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।
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पश् - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI
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विस्तार
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ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि अमेरिका के साथ हुआ शांति समझौता ईरान, पश्चिम एशिया और पूरी दुनिया के हित में है। तेहरान में एक समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि समझौते के लागू होने के बाद अमेरिका और इस्राइल क्षेत्र में अराजकता, आक्रामकता और असुरक्षा पैदा नहीं कर पाएंगे। इससे क्षेत्र के देश स्थिरता और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ सकेंगे। यह जानकारी राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित बयान में दी गई है।
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पेजेशकियन ने मुस्लिम देशों के बीच एकता और एकजुटता बढ़ाकर "दुश्मनों की नापाक साजिशों" को नाकाम करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान ने कभी युद्ध शुरू नहीं किया है। उन्होंने कहा, "हम युद्ध का स्वागत नहीं करते, लेकिन किसी भी हमलावर के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और कोई भी ताकत उस राष्ट्र को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती, जो अपनी पूरी ताकत और इच्छाशक्ति के साथ खड़ा है।"

अराघची ने किया कौन सी साजिश का इशारा?
इससे पहले शनिवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में चेतावनी दी कि निजी फायदे के लिए वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हेरफेर करने और अमेरिका-ईरान युद्ध को लंबा खींचने के लिए "बड़े स्तर पर" प्रयास किए जा रहे हैं।
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वही, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने शनिवार को बताया कि देश के सुरक्षा बलों ने दक्षिण-पूर्वी सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में अमेरिका और इस्राइल से जुड़े एक आतंकवादी दल के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में दल के एक सदस्य की मौत हो गई, जबकि छह अन्य को गिरफ्तार किया गया।

अमेरिका-ईरान के बीच समझौता ज्ञापन की समयसीमा हो चुकी है खत्म
28 फरवरी को इस्राइल और अमेरिका ने ईरान के कई शहरों पर संयुक्त हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इस्राइल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी अपनी पकड़ मजबूत कर ली।

18 जून को अमेरिका और ईरान ने क्षेत्र में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए दोनों देशों के बीच 60 दिनों के भीतर वार्ता होनी थी। यह अवधि 17 अगस्त को समाप्त हो गई, लेकिन पिछले महीने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद वार्ता का भविष्य स्पष्ट नहीं है।
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