इराक में हशद अल शाबी सैन्य नेटवर्क का एक कट्टर ईरान समर्थक धड़ा काताएब हिजबुल्ला ने इराकी सुरक्षा बलों को सचेत किया है कि वे सैन्य ठिकानों में अमेरिकी बलों से दूर रहें।
समूह ने कहा कि हम देश में सुरक्षा बलों से कहते हैं कि वे रविवार को शाम पांच बजे (भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे) से अमेरिकी ठिकानों से कम से कम 1000 मीटर दूरी पर रहें। समूह के यह बयान देने से पहले शनिवार को अमेरिकी दूतावास के निकट और अमेरिकी बलों की तैनाती वाले एक ठिकाने पर मोर्टार के गोले और रॉकेट दागे गए थे।
ईरानी कमांडर की चेतावनी, 35 अमेरिकी ठिकानों पर है नजर
ईरान की एलीट रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर अबुहमजेह ने अपने जनरल की मौत के बदले खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सेना के लिए खतरे बढ़ने की चेतावनी दी। केरमन राज्य में अबुहमजेह ने कहा कि मध्यपूर्व (पश्चिम एशिया) में ईरान ने तेल अबीव समेत 35 अमेरिकी ठिकानों को चिह्नित किया है, जिन पर उनकी नजर है।
उन्होंने होरमुज की खाड़ी को पश्चिमी देशों के लिए अहम बिंदु बताते हुए इस क्षेत्र में हमलों के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी। बता दें कि इसी खाड़ी से वैश्विक सप्लाई का एक तिहाई कच्चा तेल गुजरता है। साथ ही अमेरिकी युद्धपोत भी यहां से गुजरते हैं।
इराकी राष्ट्रपति से बोले पोम्पियो, अमेरिका तनाव घटाने को प्रतिबद्ध
अमेरिकी विदेश मंत्री माइकल पोम्पियो ने शनिवार को इराकी राष्ट्रपति बरहाम सालिह से ईरानी जनरल की मौत के बाद मध्यपूर्व के बदले हालातों पर चर्चा की। साथ ही उन्हें आश्वस्त करने का प्रयास किया कि अमेरिका क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पोम्पियो ने ट्वीट के जरिये इस बात की जानकारी दी। साथ ही पोम्पियो ने अबु धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन जायद और तुर्की के विदेश मंत्री मेवेलुत कावुसोगलु से भी बात की और अमेरिकी सेना के हमले को सही ठहराने का प्रयास किया।