अमेरिकी और इस्राइली हमलों के बाद ईरान में तनाव बढ़ गया। इस्राइल और अमेरिका ने खामेनेई की मौत का दावा किया। इसके बाद निर्वासित शाही राजकुमार रजा पहलवी ने ईरानी जनता से एकजुट होने और स्वतंत्र, समृद्ध भविष्य की दिशा में सुरक्षित संक्रमण सुनिश्चित करने का आह्वान किया। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा?
पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इस्राइली हमलों के बाद ईरान में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ऐसे में ये तनाव और तब बढ़ गया जब इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया कि हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह आली खामेनेई मारे गए। इन दावों के बाद ईरान के निर्वासित शाही राजकुमार रजा पहलवी ने ईरानी लोगों को एकजुट होने और देश के लिए स्वतंत्र और समृद्ध भविष्य की दिशा में सुरक्षित संक्रमण सुनिश्चित करने का संदेश दिया।
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पहलवी ने कहा कि खामेनेई के उत्तराधिकारी की नियुक्ति का कोई प्रयास सफल नहीं होगा और सेना व सुरक्षा बलों से आग्रह किया कि वे गिरते शासन को बचाने की कोशिश न करें। उन्होंने जनता को सतर्क और एकजुट रहने की अपील की और कहा कि जल्द ही व्यापक जनसैनिक आंदोलन की आवश्यकता है।
ईरान पर हमले और जवाबी कार्रवाई
बता दें कि अमेरिका और इस्राइल ने मिलकर ईरान में बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए। तेहरान और देश के कई बड़े शहरों में तेज धमाके सुने गए। इसके तुरंत बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी और इस्राइली ठिकानों को निशाना बनाया। इतना ही नहीं तेहरान और अन्य स्थानों में कई विस्फोटों की खबरें मिलीं।
रजा पहलवी का संदेश
निर्वासित ईरानी शाही राजकुमार रजा पहलवी ने शनिवार को ईरान के लोगों से एकजुट होने और एक स्वतंत्र और समृद्ध भविष्य की ओर सुरक्षित संक्रमण सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खामेनेई के उत्तराधिकारी के लिए किसी भी प्रयास की सफलता नामुमकिन है। पहलवी ने देश की सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों से कहा कि वे गिरते हुए शासन को बचाने की कोशिश न करें और जनता के साथ मिलकर देश के भविष्य का निर्माण करें।
पहलवी ने कहा कि खामेनी की मौत उन परिवारों के लिए सांत्वना हो सकती है जिन्होंने ईरान की राष्ट्रीय क्रांति के दौरान अपने प्रियजनों को खोया। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और एकजुट रहने की अपील की, और कहा कि जल्द ही व्यापक जनसैनिक और निर्णायक आंदोलन की आवश्यकता है।
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा
गौरतलब है कि इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी और इस्राइली हमलों के बाद ईरान ने तीव्र जवाबी कार्रवाई की, जिससे क्षेत्रीय देशों में सुरक्षा स्थिति नाजुक हो गई है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यह संघर्ष किसी बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। इससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस संवेदनशील स्थिति पर टिकी हुई हैं।