ईरान ने दक्षिण कोरिया में जमा किए गए अरबों डॉलर के बदले पांच ईरानी-अमेरिकी नागरिकों को जेल से निकालकर घर में नजरबंद कर दिया है। यह समझौता दोनों देशों के बीच कई महीनों से जारी तनाव के बाद हुआ है। अमेरिका और ईरानी अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र में ईरान मिशन के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि कैदियों को शिफ्ट करना अमेरिका के साथ समझौते के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण शुरुआती कदम है।
ईरान ने यह भी स्वीकार किया कि इस सौदे में छह बिलियन डॉल से सात बिलियन डॉलर शामिल थे, जो अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण फंस गए थे। संयुक्त राष्ट्र मिशन ने कहा कि समझौता पूरा होने के बाद यह पैसा ईरान भेजे जाने से पहले कतर को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि धन का अंतिम हस्तांतरण और पांच अमेरिकियों की रिहाई वित्तीय लेनदेन की जटिलता के कारण अगले महीने हो सकती है।
ईरान को प्रतिबंधों में कोई राहत नहीं देगा अमेरिका...
ईरान और अमेरिका के बीच यह डील फारस की खाड़ी में एक बड़े अमेरिकी सैन्य जमावड़े के बीच सामने आया, जिसमें अमेरिकी सैनिकों के होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर चढ़ने और उनकी सुरक्षा करने की संभावना थी, जहां से सभी तेल शिपमेंट का 20 प्रतिशत गुजरता है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका इस समझौते के तहत ईरान को प्रतिबंधों में कोई राहत नहीं देगा।
बाइडन प्रशासन की बढ़ सकती है आलोचना
वहीं, इस समझौते से अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन को रिपब्लिकन और अन्य लोगों की तरफ से नई आलोचना का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि इससे ईरानी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी, जबकि ईरान अमेरिकी सैनिकों और मध्यपूर्व सहयोगियों के लिए बढ़ता खतरा बनकर उभरा है।