अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के एक शीर्ष सहयोगी ने कहा कि इस्लामी गणराज्य 2015 परमाणु सौदे में निर्धारित सीमा से अधिक यूरेनियम संवर्धन करने को तैयार है। ईरान ने यह एलान ऐसे समय में किया है जब उसने यूरोप को रविवार तक समझौते के लिए नई शर्तें पेश करने को कहा है।
शीर्ष नेता अली अकबर विलायती ने एक विडियो संदेश में कहा कि अमेरिका ने प्रत्यक्ष और यूरोप ने अप्रत्यक्ष रूप से समझौते का उल्लंघन किया है। खामेनेई की वेबसाइट पर मौजूद विडियो में उन्होंने कहा कि हम उतनी ही तेजी से प्रतिक्रिया देंगे, जितना वे इसका उल्लंघन करेंगे। हम उतनी ही अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हटेंगे, जितना वे हटेंगे। यूरोपीय पक्षों ने अभी ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने का तरीका नहीं सुझाया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने करीब एक साल पहले ईरान पर प्रतिबंध लगाए थे, जो विशेषतौर पर उसकी महत्वपूर्ण तेल बिक्री को निशाना बनाते हैं।
विलायती ने कहा, ‘अगर वे अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करते हैं, तो हम भी करेंगे।’ परमाणु समझौते के तहत ईरान यूरेनियम का संवर्धन 3.67 प्रतिशत से अधिक न करने पर राजी हुआ था। लेकिन विलायती ने यूरेनियम के संवर्धन को पांच प्रतिशत तक बढ़ाने की ओर संकेत देते हुए कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि ईरान यूनेनियम का संवर्धन कितना बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि बुशहर परमाणु रिएक्टर के लिए हमें पांच प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की जरूरत है और यह बिल्कुल शांतिपूर्ण लक्ष्य है।
रूस आयातित ईंधन पर चल रहा परमाणु संयंत्र
ईरान का एकलौता परमाणु ऊर्जा संयंत्र बुशहर अभी रूस द्वारा आयात किए गए ईंधन पर चल रहा है, जिस पर संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी नजर रखती है। गौरतलब है कि ईरान ने जनवरी, 2014 में परमाणु समझौते पर बातचीत के दौरान यूरोनियम का संवर्धन पांच प्रतिशत से अधिक करना बंद कर दिया था।