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ईरान का खतरनाक प्लान हुआ फेल?: अमेरिकी एजेंसी का दावा- स्लीपर सेल को सक्रिय करने का खुफिया संदेश पकड़ा

Tue, 10 Mar 2026 10:36 AM IST
Shubham Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

क्या अमेरिका में हमले के लिए ईरान दूसरी चाल चलने की तैयारी कर रहा है? यह सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है, क्योंकि बढ़ते हमलों के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का बड़ा दावा सामने आया है। दावा यह है कि कि उन्होंने ईरान से भेजा गया एक कोडेड संदेश पकड़ा है। आइए इस कोडेड संदेश के बारे में जानते हैं।

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अमेरिक-ईरान संघर्ष - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब ग्यारहवें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। ऐसे में उग्र होते हालात के बीच अब अमेरिका के खुफिया एजेंसियों का बड़ा दावा सामने आया है। दावा यह किया जा रहा है कि दोनों तरफ से बढ़ते हमलों के बीच अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने एक कोडेड संदेश पकड़ा है। इस संदेश को ईरान से भेजा गया बताया जा रहा है।

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अमेरिका के अधिकारियों का कहना है कि यह संदेश विदेशों में पहले से मौजूद स्लीपर सेल यानी छिपे हुए एजेंट को सक्रिय करने के लिए हो सकता है। बताया जा रहा है कि यह संदेश 28 फरवरी को आया। यह वही दिन था जब अमेरिका और इस्राइल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातल अली खामेनेई की मौत हो गई थी। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि इस समय ईरान और अमेरिका‑इस्राइल के बीच तनाव बढ़ गया था।

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समझिए क्या होता है स्लीपर सेल?
बता दें कि स्लीपर सेल वे गुप्त लोग होते हैं जो किसी देश के अंदर या बाहर पहले से रहते हैं। ये आम तौर पर शांत रहते हैं और किसी भी काम में नहीं आते। लेकिन अगर उन्हें कोई संकेत या आदेश मिलता है तो ये अचानक सक्रिय होकर कोई मिशन पूरा कर सकते हैं।

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संदेश में किन-किन बातों का दावा किया गया?
कथित ईरान के संदेश को लेकर किए जा रहे दावे कुछ इस प्रकार हैं-

  • यह संदेश एन्क्रिप्टेड था। मतलब, इसे केवल वे लोग पढ़ सकते हैं जिनके पास इसका कोड है।
  • संदेश कई देशों में भेजा गया। इसके लिए एक नया रेडियो स्टेशन का इस्तेमाल हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित होता है।
  • अभी तक इस संदेश का पूरा मतलब नहीं पता चला है। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

दावों पर अमेरिका ने क्या कहा?
खुफिया एजेंसियों के इन दावों के बाद अमेरिका ने सभी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे असामान्य रेडियो संकेतों और गतिविधियों पर नजर रखें। इसके साथ ही कुछ अमेरिकी शहरों जैसे लॉस एंजेलिस, न्यूयॉर्क और मियामी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ऐसे में सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह स्लीपर सेल सच में सक्रिय हुआ तो यह संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य देशों में हमलों का खतरा बढ़ा सकता है। लेकिन फिलहाल कोई भी जगह या लक्ष्य निश्चित नहीं है।

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