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Mojtaba Khamenei: खामेनेई के बेटे मोजतबा बने ईरान के नए सर्वोच्च नेता, ईरानी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का फैसला

Wed, 04 Mar 2026 06:30 AM IST
Shubham Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान

सार

अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद यह सवाल सबके मन में था कि ईरान का नया सुप्रीम लीडर कौन होगा? लंबे कयासों और चर्चाओं के बीच अब ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने देश के नए सुप्रीम लीडर के तौर पर मोजतबा खामेनेई का नाम घोषित किया है। मोजतबा पूर्व सुप्रीम लीडर के बड़े बेटे हैं। आइए उनके बारे में और विस्तार से जानते हैं।

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ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजताबा खामेनेई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव के बीच ईरान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। तेहरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना। मोजतबा, ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सबसे बड़े बेटे हैं। अमेरिकी और इस्राइल के हालिया हमलों में अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में नए नेता को लेकर अटकलें तेज थीं। मोजतबा को रिवोल्यूशनरी गार्ड के समर्थन के चलते चुना गया माना जा रहा है, हालांकि वह कोई उच्च पदस्थ धार्मिक नेता नहीं हैं।

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मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि मोजतबा का चुनाव चुनाव ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के दबाव में हुआ है। हालांकि उनका नया सुप्रीम लीडर चुना जाना कुछ सवाल भी पैदा करता है, क्योंकि ईरान की इस्लामिक रिपब्लिक ने अक्सर वंशानुगत शासन की आलोचना की है और खुद को निष्पक्ष व्यवस्था के रूप में पेश किया है। बताया गया है कि पिछले साल अली खामेनेई ने अपने उत्तराधिकारियों की सूची में मोजतबा का नाम शामिल नहीं किया था। दूसरी ओर ईरान के शिया धार्मिक नेतृत्व में पिता से बेटे को सत्ता का हस्तांतरण सामान्य रूप से स्वीकार नहीं किया जाता।

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जानिए कौन हैं मोजतबा?

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बता दें कि ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बड़े बेटे मोजतबा कोई उच्च पदस्थ धार्मिक नेता नहीं हैं। उन्होंने कभी सरकारी पद नहीं संभाला और शासन में कोई औपचारिक स्थिति नहीं रखी। फिर भी, उनके पीछे देश की राजनीति पर गहरा प्रभाव माना जाता है। विशेष रूप से मोजताबा का ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड के साथ करीबी संबंध है। उन्होंने ईरान-इराक युद्ध में ईरानी सेना में भी हिस्सा लिया। मोजतबा खामेनेई परिवार के उन सदस्यों में शामिल हैं जो युद्ध में बचे, जबकि उनके परिवार की कई अन्य सदस्य जैसे पत्नी, बेटी, पोता, बहू और दामाद की मौत हो गई।

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कभी मोजतबा पर लगाया गया था प्रतिबंध

संयुक्त राज्य अमेरिका की ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने 2019 में मोजतबा पर प्रतिबंध लगाया था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि मोजतबा ने अपने पिता के कार्यालय में सरकारी पद पर बिना चुने या नियुक्त हुए काम किया और आधिकारिक रूप से पूर्व सुप्रीम लीडर का प्रतिनिधित्व किया। मोजताबा खामेनेई का जन्म 1969 में माशहद शहर में हुआ। वह उस समय बड़े हुए जब उनके पिता शाह के विरोध का नेतृत्व कर रहे थे।
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गौरतलब है कि मोजतबा ईरान के सर्वोच्च नेता तब बने, जब बीते दिनों अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमले में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद से इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के जवाबी हमले ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

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