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West Asia: पश्चिम एशिया तनाव के बीच ईरान का 'मीम वार', ट्रंप को बताया फारस की खाड़ी का दुखी लुटेरा

Tue, 14 Apr 2026 09:01 AM IST
Riya Dubey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ मीम और व्यंग्यात्मक पोस्ट की मुहिम छेड़ी है। इन पोस्ट में ट्रंप को कभी म्यूजिकल अंदाज में तो कभी 'पर्शियन गल्फ का पाइरेट' दिखाकर निशाना बनाया गया।
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ईरान का मीम अटैक - फोटो : X (Iran Embassy)
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने कूटनीतिक स्तर पर एक अलग ही रणनीति अपनाई है। ईरानी राजनयिक हैंडल्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को निशाने पर लेते हुए मीम और व्यंग्य से भरे पोस्ट साझा किए हैं, जो तेजी से वायरल हो रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरान दूतावास ने एक खास पोस्ट में ट्रंप को म्यूजिकल स्टाइल वीडियो में दिखाया। इस वीडियो में ट्रंप जहाजों को नाकाबंदी से गुजरने देने की अपील करते नजर आते हैं। क्लिप में वह कहते हैं- 'If you block me then I block you.' इस पोस्ट को कैप्शन दिया गया 'And today's popular music: 'blockade' by Trump।' 

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ट्रंप को बताया दुखी पाइरेट

एक अन्य पोस्ट में ट्रंप को समुद्र के बीच फंसे 'पाइरेट' के रूप में दिखाया गया। इसके साथ लिखा गया- 'फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के दुखी समुद्री लुटेरा', जो स्पष्ट तौर पर अमेरिकी नीतियों पर तंज के रूप में देखा जा रहा है।
 

ईरान ने कहा पिक्चर अभी बाकी है

इसी क्रम में मुंबई स्थित ईरान के वाणिज्य दूतावास ने भी एक पोस्ट के जरिए अपनी नौसैनिक ताकत का संकेत दिया। पोस्ट में लिखा गया ''फारस की खाड़ी की लाल मधुमक्खियां… तेज मिसाइल नौकाएं तैयार हो रही हैं… अब उन्हें पता चलेगा कि झुंड कितनी तेजी से घेर सकता है। अभी तो सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है।'' यह संदेश ईरान की समुद्री क्षमताओं और रणनीतिक तैयारियों को दर्शाने वाला माना जा रहा है।

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यह मीम नैरेटिव वॉर का हिस्सा

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मीम और व्यंग्यात्मक पोस्ट सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि नैरेटिव वॉर का हिस्सा हैं, जहां सोशल मीडिया के जरिए मनोवैज्ञानिक और कूटनीतिक दबाव बनाया जा रहा है।

दोनों देशों के बीच तनाव जारी

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के प्रयास भी जारी हैं। दोनों देशों के बीच रविवार को इस्लामाबाद में करीब 21 घंटे तक आमने-सामने बातचीत हुई, लेकिन यह बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने किया। हालांकि, ईरान ने विशेष रूप से अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अमेरिकी प्रस्तावों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसके चलते वार्ता बेनतीजा रही और दो हफ्ते के संघर्षविराम की स्थिति भी अनिश्चित बनी हुई है।

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