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US-Iran Tension: ईरान ने ठुकराया राष्ट्रपति ट्रंप का प्रस्ताव, अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से किया इनकार

Sun, 30 Mar 2025 05:13 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ट्रंप ने ईरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक पत्र लिखा था। अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने ही ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए था। अब जब ट्रंप दूसरी बार राष्ट्रपति पर आ चुके हैं, तो उनका प्रशासन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के अपने पुराने रुख पर कायम है। हालांकि, ईरान से सीधी बातचीत न होने से आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों में और खटास आ सकती है।
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ईरान ने ट्रंप का प्रस्ताव ठुकराया - फोटो : ANI
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विस्तार
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि तेहरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत करने से इनकार कर दिया है। यह प्रतिक्रिया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पत्र के जवाब में आई है, जो ईरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को लेकर लिखी गई थी। राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा, 'हालांकि, इस जवाब में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत की संभावना को खारिज कर दिया गया है, लेकिन अप्रत्यक्ष वार्ता के रास्ते को खुला रखा गया है।'
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क्या ट्रंप स्वीकार करेंगे अप्रत्यक्ष वार्ता?
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप अप्रत्यक्ष वार्ता को स्वीकार करेंगे या नहीं। 2018 में पहले अपने पहले कार्यकाल के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु समझौते से अमेरिका को बाहर कर लिया था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है।  
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ईरान का परमाणु कार्यक्रम और बढ़ता तनाव
अमेरिका और इस्राइल पहले ही कह चुके हैं कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने नहीं देंगे। इस बीच, ईरान ने हथियार-ग्रेड स्तर के करीब यूरेनियम संवर्धन शुरू कर दिया है, जिससे सैन्य टकराव की आशंका बढ़ गई है। ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, लेकिन हाल के महीनों में उसके अधिकारियों ने इस दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दिए हैं। वहीं इस मामले में संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था की फरवरी की रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान ने लगभग हथियार-ग्रेड स्तर के यूरेनियम उत्पादन को तेज कर दिया है।  
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डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के रिश्ते  
डोनाल्ड ट्रंप के पिछले कार्यकाल में अमेरिका और ईरान के संबंध बेहद खराब रहे थे। 2018 में ट्रंप ने ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ। इसके जवाब में ईरान ने समुद्री रास्तों पर हमले किए, जिनमें से एक ने सऊदी अरब के तेल उत्पादन को आधा कर दिया था। जनवरी 2020 में ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाते हुए बगदाद में ड्रोन हमले के जरिए ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर को मार गिराया था, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया था।

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