ईरान में बड़ी संख्या में दी जा रही लोगों को मौत की सजा
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ईरान में लोगों को फांसी देना जारी है। अब खबर आई है कि सोमवार को ईरान में दो और लोगों को फांसी दे दी गई। ईरान की न्यूज एजेंसी मिजान के हवाले से यह खबर आई है। जिन लोगों को फांसी दी गई है, उनकी पहचान यूसुफ मेहरदाद और सदरुल्लाह फजेली जारे के रूप में हुई है। दोनों युवकों को मई 2020 में गिरफ्तार किया गया था और अप्रैल 2021 में दोनों को फांसी की सजा सुनाई गई थी।
ईशनिंदा का आरोप
दोनों युवकों पर ईशनिंदा का आरोप था और वह एक इस्लाम विरोधी संगठन और चैनल चला रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों को गिरफ्तारी के बाद आठ महीने तक उनके परिजनों से मिलने भी नहीं दिया गया था। अमेरिका के कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम का कहना है कि दोनों एक टेलीग्राम ग्रुप 'क्रिटिक ऑफ सुपरस्टिशन एंड रिलीजन' का संचालन करते थे। मेहरदाद ने तो फरवरी 2022 में जेल के अंदर भूख हड़ताल भी की थी।
दोनों युवकों की मौत से कुछ दिन पहले ही ईरान की सरकार ने हबीब चाब नामक व्यक्ति को भी फांसी दी थी। स्वीडन-ईरान मूल के हबीब चाब पर पर आरोप है कि वह एक अलगाववादी संगठन का संचालन कर रहा था। आरोप है कि हबीब के संगठन ने ईरान में आतंकी हमले भी किए थे। हबीब हरकत अल निदाल नामक संगठन का नेता था। हबीब चाब को बीते शनिवार फांसी पर लटका दिया गया था। साल 2018 में ईरान के अहवाज में हुए आतंकी हमले में 29 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले का आरोप हरकत अल निदाल पर ही लगा था।
ईरान में फांसी देने का दौर जारी
ईरान में हाल के दिनों में कई लोगों को फांसी की सजा दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान में बीते 10 दिनों में हर छह घंटे में एक व्यक्ति को फांसी दी गई है। ईरान ह्युमन राइट्स की रिपोर्ट में इसका दावा किया गया है। ईरान में बीते 10 दिनों में 42 लोगों को फांसी पर लटकाया गया है। मौत की सजा पाने वाले लोगों में अधिकतर बलूच समुदाय के लोग हैं। मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान में 2023 की शुरुआत से अब तक 194 लोगों को मौत की सजा दी जा चुकी है। इनमें से कुछ की सजा को ही सार्वजनिक किया गया है।
बीते साल ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन हुए थे। इन विरोध प्रदर्शनों ने पूरे ईरान को चपेट में ले लिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने 2022 में भी 582 लोगों को फांसी की सजा दी गई थी।