जहां प्रतिस्पर्धी राजनीतिक माहौल में अधिकारी एक-एक शब्द सोच समझकर बोलते हैं वहीं ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ की लीक हुई रिकॉर्डिंग से ईरान में तूफान खड़ा हो गया है। 18 जून को ईरान में राष्ट्रपति चुनाव के संभावित प्रत्याशी जरीफ ने बेबाक होकर कहा, यदि ईरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिकता नहीं बनता तो चीन और रूस उसकी प्राथमिकता होते।
लीक हुए साक्षात्कार के कुछ अंश ईरान इंटरनेशनल समाचार चैनल पर दिखाए गए जिसमें जरीफ ने कहा कि रूस परमाणु सौदा रोकना चाहता है। इस रिकॉर्डिग में जरीफ ने कूटनीति की वस्तु स्थिति और देश में सत्ता की सीमा पर बेबाक टिप्पणी की। यह रिकॉर्डिंग देश के धर्मतंत्र के प्रति एक दुर्लभ अवलोकन मुहैया कराती है।
ईरान में तूफान इसलिए उठ खड़ा हुआ है क्योंकि देश की राजनीति में अद्धसैनिक बल रेवोल्यूशनरी गार्ड का भी दखल है जिसका सर्वेसर्वा देश का सर्वोच्च नेता है। जबकि यह टिप्पणी सर्वोच्च नेता पर भी सवाल उठाती है। रिकॉर्डिंग के सार्वजनिक होने के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद खतीबजादेह ने टेप की प्रमाणिकता पर विवाद खड़ा नहीं किया। उन्होंने रिकॉर्डिंग जारी करने को अवैध करार दिया और कहा कि इसे चुनिंदा तरीके से संपादित किया गया है। उन्होंने यह नहीं बताया कि यह सार्वजनिक हुआ कैसे।