कई वर्षों से मैक्सिकन उत्पादक संघ अमेरिकी बाजार को कोकीन, हेरोइन और फेंटानिल (अफीम जैसा एक नशीला पदार्थ) की आपूर्ति करते आ रहे हैं और इसके जरिए मेक्सिको में भारी मात्रा में नकदी भेजते थे। बाद में बैंकों और विनिमय केंद्रों की मदद से वे मैक्सिकन वित्तीय प्रणाली में पैसा डाल देते थे।
चीनी-अमेरिकी गैंगस्टर जिझी ली (Xizhi Li) द्वारा पेश किया गया मैक्सिकन ड्रग उत्पादक संघ के लिए "क्रांतिकारी" मनी लॉन्ड्रिंग रणनीति की जांच से पता चलता है कि चीनी सरकार इस संगठित अपराध में शामिल हो सकती है। मीडिया रिपोर्टों में यह बात सामने आई है।
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कई वर्षों से मैक्सिकन उत्पादक संघ अमेरिकी बाजार को कोकीन, हेरोइन और फेंटानिल (अफीम जैसा एक नशीला पदार्थ) की आपूर्ति करते आ रहे हैं और इसके जरिए मेक्सिको में भारी मात्रा में नकदी भेजते थे। बाद में बैंकों और विनिमय केंद्रों की मदद से वे मैक्सिकन वित्तीय प्रणाली में पैसा डाल देते थे। हालांकि, वे तरीके महंगे थे और लेन-देन को पूरा करने में सप्ताह या महीने भी लग जाते थे। इसमें क्षति, लूट-पाट और जब्ती के ज्यादा जोखिम भी थे।
लेकिन जिझी ली के मनी लॉन्ड्रिंग अपराध में प्रवेश करने के बाद ड्रग उत्पादक संघ को चाइना टाउन (Chinatown) के रूप में एक नया स्थान मिल गया। यह चीन के मुख्य भूमि के बाहर का एक क्षेत्र है जहां अप्रवासी चीनी लोग रहते हैं। प्रो पब्लिका की रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रग उत्पादक संघ के संचालकों ने जिझी ली द्वारा निर्देशित चीनी कूरियर (ड्रग्स पहुंचाने वाला शख्स) को नकदी से भरे सूटकेस दिए थे, यह लेनदेन मोटल और पार्किंग स्थलों में हुआ था। कूरियर का काम करने वाले सामान्य लोग थे, उदाहरण के तौर पर छात्र, वेटर, ड्राइवर इनमें शामिल होते थे।
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औषध प्रवर्तन प्रशासन (ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन) की जांच में पाया गया कि चीनी सरकार इस सांठगांठ में शामिल हो सकती है। ड्रग्स के आदान-प्रदान होने के बाद कूरियर मेक्सिको में बैठे अपने चीनी आकाओं से संपर्क करता था, जो जल्दी से बैंक खातों या मैक्सिकन ड्रग मालिकों के सुरक्षित घरों में पैसे भेज देता था। इसके बाद ली ने चीन, अमेरिका और लैटिन अमेरिका के माध्यम से डॉलर में पैसे कमाने के लिए लेनदेन की एक पूरी श्रृंखला को अंजाम दिया। ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) के एलीट स्पेशल ऑपरेशंस डिवीजन के अनुभवी सेवानिवृत्त एजेंट थॉमस सिंड्रिक (Thomas Cindric) ने कहा कि संगठित अपराध के इतिहास में कभी भी ऐसा कोई उदाहरण सामने नहीं आया है जहां इस तरह भारी मात्रा में राजस्व पर कब्जा कर लिया गया हो और वो भी बिना गोली चलाए।