नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने करारा झटका दिया है। आईएमएफ ने दिसंबर में अपना कर्ज कार्यक्रम लागू होने के बाद के दूसरे तिमाही की समीक्षा होने तक पाकिस्तान की तरफ से किसी भी तरह की सरकारी गारंटी दिए जाने पर रोक लगा दी है। आईएमएफ की तरफ से सरकार को करीब 200 अरब रुपये का एक और इस्लामिक सुकुक बांड जारी करने के लिए भी सरकारी गारंटी दिए जाने से रोक दिया है।
पाकिस्तान सरकार ने आईएमएफ के दबाव में उठाए जा रहे आर्थिक सुधारों के कदमों के तहत पहली बार देश में एक साल में 10 लाख नए करदाता जोड़े हैं। अब पाकिस्तान में कुल करदाताओं की संख्या करीब 25 लाख पर पहुंच गई है। नए करदाता जोड़ने की यह खबर आईएमएफ की तरफ से पाक अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए अक्टूबर में की जाने वाली पहली समीक्षा के ठीक पहले जारी की गई है।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में गिरावट को लेकर एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने अपने आउटलुक-2019 में अलर्ट जारी किया है। एडीबी का कहना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2020 में 2.8 फीसदी की अनुमानित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विकास दर के साथ पिछले साल के मुकाबले और ज्यादा धीमी हो सकती है। रिपोर्ट में पाकिस्तान की जीडीपी विकास दर वित्त वर्ष 2018 की 5.5 फीसदी के मुकाबले 2019 में घटकर 3.3 फीसदी पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया गया है।