'मानवता के लिए योग' की थीम के साथ जहां दुनियाभर में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर कई इस्लामवादी इसके खिलाफ अपनी नाराजगी जता रहे हैं और इसे इस्लाम के खिलाफ बताया जा रहा है।
ट्विटर पर इस्लामवादी योग को एक चाल बता रहे हैं और मुसलमानों से इस प्रथा का पालन न करने का आग्रह किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि योग इस्लामी नहीं है।
एक ट्विटर यूजर ने लिखा- योग के इतिहास के बारे में एक डॉक्यूमेंट्री से ये क्लिप देखें! यह भयावह है कि यह मुसलमानों में कितना फैला हुआ है। ऐ मुसलमान सीखो, योग क्या है और उस चाल से दूर रहो ! हिंदुओं के पवित्र ग्रंथ महाभारत में योग की प्रशंसा की गई है।
एक अन्य यूजर ने लिखा, 'अल्लाह सिंहासन के ऊपर है। हर जगह नहीं। योग में ईश्वर के साथ एकीकरण की अवधारणा है, जो इस्लाम की शिक्षा के विरुद्ध है। मुसलमान इन बहुदेववादी अनुष्ठानों में भाग नहीं लेते हैं। अल्लाह का रास्ता उसके मार्गदर्शन से ही है, किसी योगी के द्वारा नहीं।'
दुनिया हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाती है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने के लिए योग को समर्पित दिवस मनाने के लिए 2015 में एक प्रस्ताव को पारित किया था।