बांग्लादेश में हिंदुओं समेत अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार व हमलों के लिए अंतरिम सरकार ने माफी मांगी है। गृह मामलों के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) एम सखावत हुसैन ने कहा कि हम हिंदू समुदाय को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहे। इसके लिए हम माफी मांगते हैं।
हुसैन ने कहा, यह हमारे धर्म का भी हिस्सा है कि हमें अल्पसंख्यकों की रक्षा करनी चाहिए। पर हम ऐसा करने से चूक गए। मैं अपने अल्पसंख्यक भाइयों से माफी मांगता हूं। हम अराजकता के दौर से गुजर रहे हैं। पुलिस खुद अच्छी स्थिति में नहीं है, इसलिए मैं समाज के बहुसंख्यकों से आग्रह करता हूं कि वे अल्पसंख्यक हिंदू भाइयों की रक्षा करें। वे हमारे भाई हैं, हम सभी एकसाथ बड़े हुए हैं।
सुरक्षा सुनिश्चित करना बहुसंख्यक समुदाय का परम कर्तव्य
हुसैन ने कहा, अल्पसंख्यक भाइयों की सुरक्षा करना बहुसंख्यक समुदाय का परम कर्तव्य है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उन्हें जवाब देना होगा कि वे सुरक्षा प्रदान करने में विफल क्यों रहे। बांग्लादेश में शेख हसीना के देश छोड़कर जाने के बाद से हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और मंदिरों में तोड़फोड़ की जा रही है। इसके विरोध में ढाका की सड़कों पर हजारों हिंदू हाथों में पोस्टर लेकर उतरे व सुरक्षा की मांग की।
अंतरिम सरकार का हसीना को संदेश-आप लौटें, समस्याएं न बढ़ाएं
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को संदेश दिया है कि वह देश लौटती हैं, तो उसमें कोई बाधा नहीं डाली जाएगी। गृह मामलों के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (रि.) एम सखावत हुसैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधे शेख हसीना को संबोधित करते हुए कहा, आप लौटने की बात कह रही हैं। लेकिन आप देश छोड़कर गईं ही क्यों? आपका ही देश है, लौटने के लिए आपका स्वागत है। हालांकि कृपया समस्याएं पैदा करने से खुद को दूर रखें। आप ऐसा करेंगी, तो लोग उत्तेजित होंगे। हम आपकी इज्जत करते हैं।
- बांग्लादेशी वेबसाइट ढाका ट्रिब्यून ने हुसैन के हवाले से लिखा, जब मोहम्मद इरशाद की सरकार का पतन हुआ, तो उन्हें दो विकल्प दिए गए थे। देश छोड़ दें या जेल जाएं। इरशाद ने जेल जाने का विकल्प चुना। आपको भी लौटना चाहिए।
- सखावत ने अवामी लीग को चेताया, जवाबी क्रांति की कोशिश न करें। पहले ही कई सौ लोग मारे जा चुके हैं। ऐसी कोई भी कोशिश हजारों लोगों का खून बहाएगी। क्या वे इसकी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं।
हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ ढाका से ह्यूस्टन तक प्रदर्शन
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ ढाका से लेकर अमेरिका के ह्यूस्टन तक प्रदर्शन हो रहे हैं। ढाका में जहां हिंदू समुदाय ने सुरक्षा की मांग की, वहीं ह्यूस्टन में भारतीय अमेरिकी और बांग्लादेशी मूल के हिंदुओं ने अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने बाइडन प्रशासन से अत्याचार रोकने और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों की रक्षा के लिए तत्काल व निर्णायक कार्रवाई करने की अपील की। प्रदर्शनकारियों ने कहा, हिंदू समुदायों के खिलाफ हिंसा क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए खतरा बन गई है और अब कार्रवाई करने का समय आ गया है।