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Indus Water Treaty: आतंक को शह देकर सिंधु संधि खुद तोड़ रहा PAK; भारत ने 80 देशों के सामने UN में आईना दिखाया

Sun, 01 Jun 2025 05:51 AM IST
ज्योति भास्कर अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली / दुशांबे।

सार

भारत ने यूएन के पहले हिमनद सम्मेलन में 80 देशों के सामने पाकिस्तान को आईना दिखाया। ताजिकिस्तान के दुशांबे में भारत ने दो टूक कहा कि आतंकवाद को शह देकर पाकिस्तान सिंधु संधि खुद तोड़ रहा है।
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विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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भारत ने पाकिस्तान से चलाई जा रहीं आतंकी गतिविधियों को सिंधु जल संधि पर अमल में सबसे बड़ा रोड़ा बताते हुए कहा कि संधि के उल्लंघन का दोष भारत पर मढ़ने से पाकिस्तान बाज आए। पर्यावरण राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने दो-टूक कहा कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद को शह देकर इस संधि का उल्लंघन कर रहा है।

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भारत के विदेश राज्यमंत्री ने पाकिस्तान को दिखाया आईना
कीर्तिवर्धन ताजिकिस्तान के दुशांबे में हिमनदों पर संयुक्त राष्ट्र के पहले सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, हम पाकिस्तान के मंच का दुरुपयोग करने तथा ऐसे मुद्दों का अनुचित संदर्भ लाने के प्रयास से स्तब्ध हैं जो मंच के दायरे में नहीं आते। हम ऐसे प्रयास की कड़ी निंदा करते हैं।

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यूएन के पहले हिमनद सम्मेलन में 80 देश
दरअसल, सम्मेलन में पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा था कि उनका देश भारत को सिंधु जल संधि स्थगित रखकर तथा लाखों लोगों के जीवन को खतरे में डालकर हद पार करने की अनुमति नहीं देगा। बता दें कि इस तीन दिवसीय सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र के 80 सदस्य देश व 70 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 2,500 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

पड़ोसी देश के पीएम शहबाज शरीफ को सख्त जवाब
कीर्तिवर्धन ने शहबाज के वक्तव्य पर सख्ती से कहा कि यह एक निर्विवाद तथ्य है कि सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर के बाद से परिस्थितियों में बुनियादी बदलाव हुए हैं, जिसके लिए संधि के दायित्वों का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक है। इनमें जनसांख्यिकीय परिवर्तन, तकनीकी प्रगति, जलवायु परिवर्तन और सीमा पार आतंकवाद का खतरा भी शामिल है।

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पाकिस्तान के खिलाफ भारत की कूटनीतिक मुहिम

गौरतलब है कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस बात को कई बार दोहरा चुके हैं कि अब किसी भी दहशतगर्द के कायराना कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि भारत किसी भी आतंकी वारदात को 'एक्ट ऑफ वॉर' की तरह समझेगा और माकूल जवाब दिया जाएगा। इसी नीति से पूरी दुनिया को अवगत कराने की कवायद के तहत सरकार ने सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों का गठन किया है। अब तक सभी शिष्टमंडल रूस, जापान, यूएई, कतर और गुयाना जैसे देशों में जाकर अलग-अलग मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बेनकाब कर चुके हैं।

पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा के खिलाफ भारतीय शिष्टमंडल की मुखर मुहिम
बता दें कि दहशतगर्दों के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई से तिलमिलाए पड़ोसी देश पाकिस्तान ने खुद को पीड़ित बताने के लिए दुष्प्रचार का सहारा लिया है। बीते 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की नृशंस हत्या हुई। इसके बाद से ही बीते एक महीने में पाकिस्तान के कई नेता-राजनयिकों ने विदेशी मीडिया के सहारे भारत के खिलाफ जमकर प्रोपेगेंडा किया है। पाकिस्तान के कुत्सित प्रयासों के खिलाफ भारत के सांसद मुखर होकर टिप्पणी कर रहे हैं। अलग-अलग दलों के होने के बावजूद सांसदों ने एक स्वर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी दुनिया के सामने स्पष्टता से रखा है।

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