आल्दी को ढूंढने के लिए 10 शिप लगाए गए थे। 49 दिनों से ही एक दल गुआम में उसकी तलाश कर रहा था। आल्दी के बारे में बताते हुए इंडोनेशियन डिप्लोमेट फजर फिरदौस ने कहा कि कई बार उसने मदद मांगने के लिए अपने कपड़े उड़ाए, उसकी नाव के पास से कई बड़े जहाज भी गुजरे। लेकिन वह किसी को नहीं दिखा। आल्दी के पिता का कहना है कि वह बीते 3 सालों से इस काम को कर रहा है।
बच पाने की आस कम थी इसलिए खुदकुशी की भी कोशिश की
आल्दी ने बताया कि वह 14 जुलाई को समुद्र में फंसा था। दरअसल उस रात तेज हवाएं चल रही थीं। उतने ही उसकी फ्लोटिंग हट समुद्र के तेज बहाव में बह गई। उसके पास खाने पीने के लिए भी कुछ नहीं था। दो दिनों तक भूखा रहने के बाद उसने समुद्र से मछलियां पकड़र खाईं। खारे पानी के खारेपन को कम करने के लिए आल्दी पहले अपनी टी शर्ट को पानी में भिगोता था और फिर बाद में उससे पानी पीता था।
उसने कहा कि हट में ही उसने लकड़ियों में आग जलाकर मछलियां भूनीं और उन्हें खाया। जब लगा कि अब बच पाना मुश्किल है तो समुद्र में कूदकर जान देने की भी कोशिश की लेकिन फिर परिवार की दी सीख याद आई कि मुश्किल घड़ी में भगवान को याद करना चाहिए।