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इंडोनेशिया: ज्वालामुखी की राख से सात एयरपोर्ट बंद, 3.41 लाख यात्री हलकान; राहत कार्य पर राष्ट्रपति क्या बोले?

Mon, 07 Sep 2026 11:57 PM IST
ज्योति भास्कर एजेंसी, टैंगेरांग।

सार

इंडोनेशिया में ज्वालामुखी विस्फोट के बाद हालात संवेदनशील हैं। ज्वालामुखी की राख के कारण सात हवाईअड्डे बंद करने पड़े हैं। इससे 3.41 लाख यात्री प्रभावित हुए हैं। राष्ट्रपति ने राहत कार्य के लिए बजट बढ़ाने की बात कही है। अनाक क्राकाटाऊ में हुए इस विस्फोट से करीब 3,000 उड़ानें प्रभावित हुई हैं।
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ज्वालामुखी (सांकेतिक) - फोटो : adobestock
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विस्तार
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इंडोनेशिया में जावा और सुमात्रा द्वीपों के बीच स्थित माउंट अनाक क्राकाटाऊ के विस्फोट से निकली ज्वालामुखीय राख ने सोमवार को जकार्ता और आसपास के इलाकों को प्रभावित किया। इसके चलते सुरक्षा के मद्देनजर जकार्ता के दो हवाईअड्डों समेत सात हवाईअड्डे बंद रहे। देश के क्षेत्रीय विकास समन्वय मंत्री अगस हरिमूर्ति युधोयोनो के मुताबिक, शुक्रवार हुए इस विस्फोट से 2,961 उड़ानों में देरी, मार्ग परिवर्तन या रद्दीकरण से करीब 3.41 लाख यात्री प्रभावित हुए।

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राहत कार्यों के लिए बजट पर राष्ट्रपति क्या बोले?
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने आपदा प्रबंधन बजट बढ़ाने की जरूरत बताई। परिवहन मंत्री डुडी पुरवागांधी ने जकार्ता का सोएकार्नो-हट्टाअंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और छह अन्य हवाईअड्डे सोमवार को स्थानीय समयानुसार रात 11:59 बजे तक बंद रखने का एलान किया।

जावा, सुमात्रा और बैंटन की तरफ राख के गुबार
निगरानी एजेंसी ने अनाक क्राकाटाऊ में आगे भी विस्फोटों की अधिक संभावना को लेकर आगाह किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को राख के गुबार जावा की ओर 6,000 मीटर और सुमात्रा तथा बैंटन की ओर 15,000 मीटर तक पहुंचे। अनाक क्राकाटाऊ इंडोनेशिया के लगभग 130 सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है।

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