जापान के रक्षा मंत्री जनरल नकातानी
- फोटो : एक्स/जापानी रक्षा मंत्रालय
इंडोनेशिया सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह जापान के साथ नौसैनिक जहाजों के संयुक्त विकास पर फिर से वार्ता शुरू करने पर सहमत हुई है। यह वार्ता बीते कुछ वर्षों से रुकी हुई थी। जापान के रक्षा मंत्री जनरल नकातानी ने आज अपने इंडोनेशियाई समकक्ष सजाफ्री सजामसोएद्दीन के साथ एक बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की गई। उन्होंने समुद्री जहाजों और अन्य रक्षा उपकरणों के साझा विकास और तकनीकी हस्तांतरण (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर) पर वार्ता जारी रखने का फैसला किया। जनरल नकातानी इंडोनेशिया के दौरे पर हैं।
बैठक को लेकर इंडोनेशियाई रक्षा मंत्रालय ने क्या कहा
इंडोनेशियाई रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर फ्रेगा वेनस ने कहा, 'दोनों रक्षा मंत्रियों ने सैन्य उपकरणों के विकास में सहयोग करने के फैसले का स्वागत किया है। हमें यह देखना होगा कि (सैन्य उपकरणों का) साझा विकास कहां पर होगा और क्या इसमें जहाजों या अन्य रक्षा उपकरणों का भी विकास होगा।' जापान अभी अपने रक्षा उपकरणों (जैसे फ्रिगेट या पनडुब्बियों का निर्यात) और प्रौद्योगिकी के निर्यात पर सख्त नियमों का पालन करता है और इसलिए माना जा रहा है कि साझा विकास ही रक्षा उपकरणों और प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण का सबसे व्यावहारिक तरीका है।
अन्य देशों के साथ भी वार्ता पर विचार कर रहा जापान
जापानी मीडिया के मुताबिक, नकातानी ने इस दौरे के दौरान 'मोनोगामी' क्लास फ्रिगेट के साझा विकास के लिए वार्ता का प्रस्ताव रखा, जो पिछले कुछ वर्षों से रुकी हुई थी। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने रक्षा मंत्री रहते हुए इसमें रुचित दिखाई थी। ये जहाज सामान्य डेस्ट्रॉयर की तुलना में आधे चालक दल के साथ काम कर सकते हैं। हालांकि, इस वार्ता में पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोडो के कार्यकाल में इसलिए रुकावट आई, क्योंकि इंडोनेशिया ने अपनी राजधानी को स्थानांतरित करने में बड़ी रकम निवेश की थी। अब जापान, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी के साथ भी मोनोगामी क्लास फ्रिगेट के साझा विकास पर विचार कर रहा है। ऑस्ट्रेलिया इस साल के मध्य में इस साझेदारी पर फैसला ले सकता है।
इंडोनेशिया जापान के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक क्षेत्र: जनरल नकातानी
नकातानी ने बैठक के बाद मीडिया के सामने कोई टिप्पणी नहीं की। लेकिन एक बयान में कहा कि वह दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद करते हैं। उन्होंने कहा, इंडोनेशिया रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है और हमारे समुद्री मार्गों के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने समुद्री सुरक्षा पर सलाह-मशविरा करने पर भी सहमति जताई।