2021 की जनगणना के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट में बताया गया है कि 920,000 लोगों के साथ भारत, ब्रिटेन से बाहर जन्म देने वाला देश बना रहेगा। इसके बाद 743,000 लोगों के साथ दूसरे नंबर पर हैं।
ब्रिटेन के ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिक्स (ओएनएस) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों में बताया गया है कि पिछले साल इंग्लैंड और वेल्स में रहने वाले प्रत्येक छह में से एक का जन्म देश से बाहर हुआ। इन 1.5 फीसदी निवासियों में सबसे बड़ा हिस्सा भारत का है।
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2021 की जनगणना के आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट में बताया गया है कि 920,000 लोगों के साथ भारत, ब्रिटेन से बाहर जन्म देने वाला देश बना रहेगा। इसके बाद 743,000 लोगों के साथ दूसरे नंबर पर हैं। इसके बाद पाकिस्तान 624,000 (एक फीसदी) लोगों के साथ तीसरे नंबर पर है।
2011 के जनगणना आंकड़ें बताते हैं कि तब पोलिश (760,000, 1.3 फीसदी), रोमानियन (550,000, 9 फीसदी), भारतीय (369000, 0.6 फीसदी) ब्रिटेन में रहने वाली तीन सबसे आम गैर-ब्रिटिश पासपोर्टधारी निवासी थे जो इंग्लैंड और वेल्स में निवास रहते हैं।
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ओएनएस की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति के अनुसार, ब्रिटेन से बाहर जन्म लेने वाले इंग्लैंड और वेल्स के निवासियों की संख्या में 2011 के बाद 2.5 मिलियन का इजाफा हुआ है। यानि तब यह संख्या 7.5 मिलियन (13.4 फीसदी) थी जो अब 10 मिलियन (16.8 फीसदी) तक है।