अमेरिका में इस साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव पर दुनिया की निगाहें टिकी है। अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों की है, जो चुनाव में खासा असर डालते हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के एक शीर्ष नेता का कहना है कि नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में कई राज्यों में भारतीय मूल के लोग ‘बड़ा अंतर पैदा करने वाले’ मतदाता साबित हो सकते हैं।
अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए करीब 100 दिन शेष हैं। ऐसे में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता मिशिगन, पेंसिलवेनिया और विस्कॉन्सिन जैसे कई अहम राज्यों में प्रभावशाली भारतीय-अमेरिकी समुदाय को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। डेमोक्रेटिक राष्ट्रीय समिति के अध्यक्ष थॉमस पेरेज ने कहा कि मिशिगन में 1.25 लाख और पेंसिलवेनिया में 1.56 लाख भारतीय-अमेरिकी मतदाता हैं।
उन्होंने पिछले चुनाव में हिलेरी क्लिंटन की डोनाल्ड ट्रंप के हाथों हार का जिक्र करते हुए कहा, हमारी पार्टी की उम्मीदवार क्लिंटन 2016 में मिशिगन में 10,700 मतों से हारी थीं। पेंसिलवेनिया में करीब 43 हजार और विस्कॉन्सिन में 21,000 वोटों से हार मिली थी। मैंने जिन तीन राज्यों का जिक्र किया, उन्हीं के बारे में सोचिए। केवल भारतीय-अमेरिकी मत आगे बढ़ने के लिए बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं।