रूस के बश्कोर्तोस्तान में चार भारतीय मेडिकल छात्रों और दो पुलिस अधिकारियों पर हुए हमला करके उन्हें घायल करने वाले 15 साल के नाबालिग लड़के ने मंगलवार को अपना गुनाह कबूल कर लिया। मामले में उफा की कोर्ट ने उसे सात अप्रैल तक, यानी दो महीने के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी (न्यायिक हिरासत) में भेज दिया है।
बाशिनफॉर्म एजेंसी के मुताबिक, आरोपी एक स्थानीय स्कूल में नौवीं क्लास का छात्र है। उसने कोर्ट में माना कि उसने यह हमला किया था और इसके लिए उसने पीड़ितों से माफी भी मांगी। इस गंभीर अपराध के लिए उसे 15 साल तक की सजा हो सकती है।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना शनिवार को उफा शहर में हुई थी। हमलावर रेपिना स्ट्रीट पर स्थित बश्कोर्तोस्तान स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में घुस गया था। वहां उसने भारतीय छात्रों पर चाकू से हमला कर दिया। जब पुलिस उसे पकड़ने पहुंची, तो उसने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए दो पुलिसवालों और हॉस्टल के गार्ड को भी घायल कर दिया।
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अधिकारियों पर लापरवाही का केस
फेडरल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी ने स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ भी लापरवाही का केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि अधिकारियों को कथित तौर पर पता था कि लड़का एक प्रतिबंधित नियो-नाजी संगठन (नेशनल सोशलिज़्म/व्हाइट पावर) से जुड़ा है, लेकिन उन्होंने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया।
छात्रों की हालत में सुधार
इस बीच, पड़ोसी राज्य तातारस्तान से भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी उफा पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायल छात्रों से मुलाकात की। अधिकारियों ने बताया कि सभी छात्र ठीक हो रहे हैं और चिंता की कोई बात नहीं है। बता दें कि बश्कोर्तोस्तान रूस का एक मुस्लिम-बहुल इलाका है।
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