राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया-भारत व्यापार मंच को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने स्लोवाकियाई व्यवसायों को 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। साथ ही उन्होंने भारत के पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य पर भी जोर दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन दिनों अपने स्लोवाकिया दौरे पर हैं। जहां गुरुवार को उन्होंने ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया-भारत व्यापार मंच को भी संबोधित किया। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम का जिक्र किया। साथ ही स्लोवाकियाई व्यवसायों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित भी किया। मुर्मू ने कहा कि आज की दुनिया अनिश्चितताओं से भरी हुई है और इसमें भारत प्रगति की एक शानदार मिसाल है।
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बता दें कि मुर्मू बुधवार को अपनी दो देशों की राजकीय यात्रा के दूसरे चरण में स्लोवाकिया पहुंची। जहां वह स्लोवाक गणराज्य का दौरा करने वाली दूसरी भारतीय राष्ट्रपति बन गईं। इस दौरान उन्होंने स्लोवाकिया में जगुआर लैंड रोवर की सुविधा का दौरा भी किया, जहां मुर्मू ने भारतीय कर्मचारियों से मुलाकात की और लैंड रोवर डिफेंडर इकाई का रोलआउट देखा।
भारत के पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने पर जोर
स्लोवाकिया-भारत व्यापार मंच में बोलते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि स्लोवाकिया अपनी कार्यबल की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विदेशों से मेहनती और कुशल श्रमिकों की तलाश कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि भारतीय प्रतिभा स्लोवाकिया की आर्थिक प्रगति में मददगार हो सकती है। मुर्मू ने यह भी कहा कि भारत का लक्ष्य आने वाले वर्षों में पांच ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है और भारत इस लक्ष्य को स्लोवाकिया जैसे मित्र देशों के साथ साझेदारी में पूरा करने की उम्मीद करता है।
भारत-स्लोवाकिया के व्यापारिक संबंध पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत और स्लोवाकिया ने कई क्षेत्रों में मिलकर काम किया है। अब समय आ गया है जब दोनों देशों को अपने व्यापारिक संबंधों को और विविधित करने पर ध्यान देना चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि स्लोवाकिया ऑटोमोटिव भारत के बड़े उपभोक्ता बाजार, कुशल कार्यबल और मजबूत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र से लाभ उठा सकता है।
ऑटोमोटिव क्षेत्र में दोनों देशों के संबंध
इसके साथ ही राष्ट्रपति ने बताया कि विशेष रूप से ऑटोमोटिव क्षेत्र में दोनों देशों के बीच एक मजबूत संबंध बना है। इसमें टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने 2018 से स्लोवाकिया में महत्वपूर्ण निवेश किया है, जिसमें नाइट्रा में उनका कारखाना शामिल है।