अमेरिका में एक भारतीय मूल की महिला को जूरी ने नौ साल की सौतेली बेटी की हत्या का दोषी पाया है। उसने यह हत्या 2016 में की थी। उसे आजीवन कारावास की सजा मिल सकती है। आरोपी महिला का नाम शमदाई अर्जुन है और उसकी उम्र 55 साल है। उसे जूरी ने हत्या का दोषी पाया है। तीन जून को उसे सजा सुनाई जाएगी।
हालांकि क्वींस सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश केन्नेथ होल्डर ने संकेत दिया कि उसे 25 साल की सजा दी जा सकती है। अर्जुन को अगस्त 2016 में अपनी नौ साल की सौतेली बेटी अशदीप कौर की हत्या का दोषी पाया गया था जो उसकी देखरेख में रहती थी।
क्वींस जिले के अटॉर्नी जॉन रायन ने कहा, 'यह रक्षाहीन नौ साल की बच्ची का भयावह मामला है। जिसकी सौतेली मां को देखरेख करनी चाहिए थी मगर इससे उलट उसने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। उसका कृत्य समझ से परे है और कानून के अंतर्गत उसे अधिकतम सजा दी जानी चाहिए।'
ट्रायल के अनुसार 19 अगस्त, 2016 की शाम को एक प्रत्यक्षदर्शी ने अर्जुन को उसके पूर्व पति रेमंड नारायण और उसके दो पोते जिनकी उम्र तीन और पांच है, के साथ क्वींस स्थित एक अपार्टमेंट में देखा। जब प्रत्यक्षदर्शी ने उससे नौ साल की बच्ची के बारे में पूछा तो उसने कहा कि वह बाथरूम में है अपने पिता का इंतजार कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शी ने बाथरूम की लाइट को कई घंटों तक जलते हुए देखा। इसके बाद पीड़िता के पिता सुखजिंदर सिंह को फोन करके बुलाया और उन्हें बाथरूम का दरवाजा तोड़ने के लिए कहा। वहां उन्होंने कौर की लाश को निर्वस्त्र बाथटब में पड़े हुए देखा। उसके शरीर पर चोट के कई निशान मौजूद थे।
चिकित्सा परीक्षक कार्यालय द्वारा दायर की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मौत का कारण गला घोंटना है। 2016 में क्वींस के सहायक जिला अटॉर्नी माइकल कुर्टिस ने कहा कि अर्जुन ने कई मौके पर बच्ची को मारने की धमकी दी थी। कौर के रिश्तेदारों ने बताया कि अर्जुन बच्ची की पिटाई किया करती थी।
कौर को बच्ची की देखभाल के लिए चुना गया था। जबकि उसके पिता सिंह स्थानीय रेस्त्रां में काम करते हैं। कौर अपनी मौत से तीन महीने पहले ही भारत से अमेरिका आई थी। वह अपने पिता और अर्जुन के साथ क्वींस के अपार्टमेंट में रह रही थी, जहां उनके साथ एक और जोड़ा रहता है। हाउसमेट ने कौर को अर्जुन के साथ बाथरूम में देखा था। मगर कुछ देर बाद वह अकेली बाहर आई और वहां से चली गई।