अमेरिका में भारतीय मूल का 39 वर्षीय आईटी कंसलटेंट धोखाधड़ी वाली मल्टीमिलियन-डॉलर योजना चलाने का दोषी पाया गया है। जिसके चलते उसे कम से कम 20 साल की सजा होगी। न्यूजर्सी के रहने वालेशिवानंद महाराज धोखाधड़ी करने और कर्मचारी लाभ योजना के संचालन को प्रभावित करने का दोषी पाया गया है। जिसमें 25 साल तक की जेल हो सकती है।
अमेरिका में न्यूयॉर्क के उत्तरी जिले के अटॉर्नी ज्यॉफ्री बर्मन ने कहा कि दोषी को दिसंबर में सजा सुनाई जाएगी। ट्रायल के बाद शिवानंद महाराज का सहयोगी एनरिको रुबानो भी दोषी पाया गया है। बर्मन ने बताया, "कई वर्षों तक शिवानंद महाराज ने सूचना प्रौद्योगिकी के काम के लिए सैकड़ों इनवायस को मंजूरी देने के लिए पेंशन और स्वास्थ्य निधि में अंदरूनी स्तर पर भ्रष्टाचार किया, जो कभी नहीं किया गया था। इनकी वजह से बहुत से मेहनती लोगों को स्वास्थ्य और सेवानिवृत्ति लाभ से वंचित रहना पड़ा है।"
मैनहट्टन संघीय अदालत में मुकदमे के दौरान प्रस्तुत अभियोग और साक्ष्य में निहित आरोपों के अनुसार, 2009 से 2015 तक रुबानो फंड के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का सह-प्रमुख था। जो तीसरे पक्ष की मदद भी लेता था।
2009 की शुरुआत में और 2015 के दौरान महाराज और रुबानो ने एक ऐसी योजना तैयार की, जिसमें तीन अलग-अलग कंपनियों ने स्वामित्व किया था। इन दोनें ने विभिन्न तरह की योजनाओं के माध्यम से फिर लाखों लोगों को ठगा।