ब्रिटेन की एक अदालत ने भारतीय मूल के एक व्यक्ति को एक आपराधिक गिरोह से जुड़े होने का दोषी पाया है। इस गिरोह को दुनिया में एनाबोलिक स्टेरॉइड के सबसे बड़े तस्करों में एक माना जा रहा है।
गिरोह की छानबीन करने वाली ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (एनसीए) के मुताबिक गुरजयपाल ढिल्लौं गिरोह के लिए काम करता था। वह भारत से यूरोप में ड्रगों की तस्करी में मदद करता था।
लंदन के ओल्ड बेली अदालत में छह हफ्ते तक चले मुकदमे के बाद श्रेणी सी के नशीले पदार्थ की आपूर्ति की साजिश के लिए पश्चिम लंदन में साउथहॉल के 65 वर्षीय व्यक्ति को दोषी पाया गया।
मुंबई में रहने वाले डेनमार्क के नागरिक जैकब स्पोरोन फिडलर के साथ उसे दोषी ठहराया गया। फिडलर ने पूर्व में गुनाह कबूल कर लिया था। सजा 15 जुलाई को सुनायी जाएगी।
एनसीए की जांच के क्षेत्रीय प्रमुख रॉब बर्गेस ने बताया कि गुरजयपाल ढिल्लौं ब्रिटेन में अवैध तरीके से बड़े पैमाने पर एनाबोलिक स्टेरॉइड की खेप पहुंचाने की साजिश में शामिल था। उसने साजिश में अहम भूमिका निभायी और ब्रिटेन तक इसे पहुंचाने में मददगार रहा।