रूस, चीन, पाकिस्तान समेत दुनियाभर के कई देशों में भारतीय मिशनों ने बृहस्पतिवार को महात्मा गांधी की 156वीं जयंती मनाई। इस दौरान राष्ट्रपति की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और वक्ताओं ने उनके शांति व अहिंसा के संदेशों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
रूस में, कपड़ा एवं विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने मॉस्को के रामेनकी रेयान पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और 21वीं सदी में आत्मनिर्भरता, सत्य और अहिंसा के गांधीवादी सिद्धांतों के महत्व और प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इस दौरान स्थानीय अधिकारी और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बीजिंग में, भारतीय दूतावास ने जिंताई कला संग्रहालय में अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाया गया। भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने राष्ट्रपिता को पुष्पांजलि अर्पित की। क्यूरेटर युआन जिकुन, उनकी पत्नी लुओ शियाओ, प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्य और फ्रेंड्स ऑफ इंडिया ने महात्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पाकिस्तान में, चार्ज डी'अफेयर गीतिका श्रीवास्तव ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के सदस्यों के साथ राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरणीय स्थिरता के उनके आदर्शों को स्मरण करने के लिए पौधरोपण भी किया।
कोलंबो में, श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिनी अमरसूर्या और भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास, टेंपल ट्रीज में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
नेपाल में, भारतीय राजदूत और दूतावास के अधिकारियों ने राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और छात्रों और शिक्षकों ने उनके प्रिय भजन गाए। इनके अलावा, दक्षिण कोरिया, जापान, फिलीपींस, तुर्किये, फ्रांस, सऊदी अरब और मंगोलिया में भी गांधी जयंती मनाई गई।
सीजेआई ने मॉरीशस में अर्पित की पुष्पांजलि
प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई ने मॉरीशस के महात्मा गांधी संस्थान में गांधी जयंती समारोह में हिस्सा लिया और राष्ट्रपिता को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में भारतीय उच्चायुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। सीजेआई, मॉरीशस की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा रहे हैं।
लंदन में गांधी की जिस प्रतिमा का हुआ अपमान, वहां भजन-कीर्तन
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में महात्मा गांधी की जिस प्रतिमा का पिछले दिनों में अपमान हुआ था, वहां राष्ट्रपिता की जयंती के मौके पर उनके प्रिय भजन गाये गए। टैविस्टॉक स्क्वायर स्थित इस प्रतिमा पर उपद्रवियों ने आपत्तिजनक नारे लिखे दिए थे, जिन्हें समारोह से पहले सफेद रंग में रंग दिया गया। भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी ने कहा कि इस घटना के बाद स्थानीय समुदाय का एकजुट होना अच्छा संकेत है।