15 फरवरी को उपप्रधान मंत्री पौडेल और पोखरा मेट्रोपॉलिटन सिटी के महापौर धनराज आचार्य ने समारोह के दौरान एक इलेक्ट्रिक स्विच से मोमबत्तियां जलाकर हाइड्रोजन गैस से भरे गुब्बारे छोड़े थे, जिनमें से कुछ गुब्बारों के फटने से वे घायल हो गए थे। पौडेल और आचार्य के हाथ व चेहरे पर चोट आई थी।
नेपाल में एक भारतीय नागरिक को पर्यटन से जुड़े कार्यक्रम 'विजिट पोखरा वर्ष 2025' में हुई घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। घटना में उप-प्रधानमंत्री बिष्णु पौडेल मामूली रूप से घायल गए थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कमलेश कुमार गुब्बारों में हाइड्रोजन गैस भरने के लिए जिम्मेदार था। गुब्बारे 15 फरवरी को उद्घाटन के दौरान फट गए थे।
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला? यहां जानिए सब कुछ
नेपाल पुलिस ने एक कार्यक्रम के दौरान उपप्रधानमंत्री विष्णु पौडेल के मामूली रूप से झुलसने के सिलसिले में एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपाधीक्षक कमलेश कुमार ने बताया कि 'विजिट पोखरा ईयर 2025' के उद्घाटन के दौरान गुब्बारे में हाइड्रोजन गैस भरने के लिए जिम्मेदार 41 वर्षीय कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
कब और कैसे हुआ था हादसा?
दरअसल, 15 फरवरी को उपप्रधान मंत्री पौडेल और पोखरा मेट्रोपॉलिटन सिटी के महापौर धनराज आचार्य ने समारोह के दौरान एक इलेक्ट्रिक स्विच से मोमबत्तियां जलाकर हाइड्रोजन गैस से भरे गुब्बारे छोड़े थे, जिनमें से कुछ गुब्बारों के फटने से वे घायल हो गए थे। पौडेल और आचार्य के हाथ व चेहरे पर चोट आई थी। पुलिस के मुताबिक, मोमबत्तियां बहुत करीब लगी होने के कारण गुब्बारों में आग लग गई।
विज्ञापन
गृह मंत्री रमेश लेखक ने एक जांच समिति का गठन किया था
डीएसपी शर्मा ने कहा कि कुमार के खिलाफ कास्की जिला अदालत में मामला दर्ज किया गया है। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, पौडेल को काठमांडू के कीर्तिपुर बर्न अस्पताल में इलाज के बाद सोमवार को छुट्टी दे दी गई, जबकि आचार्य कुछ और दिन तक चिकित्सकीय देखरेख में रहेंगे। घटना के तुरंत बाद गृह मंत्री रमेश लेखक ने एक जांच समिति का गठन किया था।