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कोरोना से बाल अधिकारों पर संकट, रोजाना हो सकती है 6 हजार बच्चों की मौत: यूनिसेफ

Thu, 14 May 2020 01:20 PM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा
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यूनिसेफ निदेशक हेनरीटा फोरे (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter
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संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की बाल एजेंसी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगले छह महीने में अतिरिक्त छह हजार बच्चों की रोजाना मौत ठीक होने वाली बीमारियों की वजह से हो सकती है। ऐसा कोरोना वायरस महामारी की वजह से कमजोर हुई स्वास्थ्य प्रणाली और नियमित सेवाएं बाधित होने के कारण है।

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कोविड-19 महामारी अपने पांचवे महीने में प्रवेश कर गई है ऐसे में यूएन की बाल संस्था  (यूनिसेफ) ने यूएस डॉलर 1.6 बिलियन की मदद करने के लिए कहा है। ताकि इससे महामारी के कारण प्रभावित हुए बच्चों की मदद की जा सके। संस्था का कहना है कि स्वास्थ्य संकट तेजी से बाल अधिकार संकट में तब्दील हो रहा है। बिना तुरंत मदद के पांच साल से कम उम्र के अतिरिक्त छह हजार बच्चों की रोजाना मौत हो सकती है।


यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनरीटा फोरे ने मंगलवार को कहा, 'स्कूल बंद हैं, माता-पिता के पास काम नहीं हैं और परिवार इस समय तनाव में हैं। यदि हम कोविड-19 के बाद की दुनिया के बारे में सोचें तो यह फंड हमें संकट का सामना करने, इसके बाद उबरने और बच्चों को इसके असर से बचाने में मदद करेगा।'
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अगले छह महीनों में रोके जाने वाली बीमारी के कारण अतिरिक्त छह हजार बच्चों की मौतों का अनुमान जॉन हॉपकिंस ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं द्वारा बुधवार को लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक विश्लेषण पर आधारित है। इसके आधार पर यूनिसेफ का कहना है कि नियमित स्वास्थ्य कवरेज में कटौती के कारण अगले छह महीनों में 1.2 मिलियन मौतें हो सकती हैं।

यूनिसेफ का कहना है कि सिर्फ छह महीने में 56,700 और मांओं की मौत हो सकती है। अपने पांचवें जन्मदिन से पहले कई बच्चों की जान जा सकती है। फोरे ने कहा, 'हम वायरस के खिलाफ लड़ाई में मांओं और बच्चों की मौत नहीं होने देना चाहते। हम रोकथाम योग्य बीमारी में मिली दशकों की प्रगति के बावजूद बच्चों और मांओं की मृत्यु नहीं होने देना चाहते।'

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