भारतीय और मालदीव के अधिकारियों ने की मुलाकात।
- फोटो : Twitter
भारत और मालदीव के बीच तनाव जारी है। इस बीच, भारतीय उच्चायुक्त मुनु महावर ने गुरुवार को मालदीव के सीमा शुल्क आयुक्त जनरल यूसुफ मानिउ मोहम्मद से शिष्टाचार भेंट की। दोनों अधिकारियों ने व्यापार और सुरक्षा सहित अन्य क्षेत्रों पर बात की। गौरतलब है कि मालदीव के कैबिनेट मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के खिलाफ अपमानजनक बयान दिए थे, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच खटास आ गई थी।
ट्वीट कर दी जानकारी
मालदीव स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक्स पर बैठक की जानकारी दी। एक्स पर ट्वीट करते हुए उच्चायोग ने कहा कि क्षमता निर्माण, व्यापार, सुरक्षा और आपसी संबंधों के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर बातचीत हुई। मालदीव कस्टम सर्विस ने भी एक्स पर कहा कि भारतीय उच्चायुक्त महावर ने कमिश्नर जनरल मानिउ से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान, सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ क्षमता निर्माण और एसीएस कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए प्रस्तावित नए क्षेत्रों पर बात हुई।
भारत और मालदीव के विवाद का मुख्य कारण
भारत और मालदीव के बीच जारी कूटनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। हालिया घटनाक्रम में द्वीपीय राष्ट्र की सरकार ने अपने देश से भारतीय सैनिकों को वापस भेजने की समयसीमा तय कर दी है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जु ने भारत से कहा है कि 15 मार्च तक वह अपने सैनिकों को हटा ले। यह बयान उन्होंने चीन दौरे के बाद दिया है, जिसके वे समर्थक माने जाते हैं।
द्वीप राष्ट्र में हमारे कितने सैनिक हैं और वे क्या कर रहे हैं?
मालदीव से जिन भारतीय सैनिकों को वापस भेजने की बात की जा रही है, मालदीव के अखबार के अनुसार उनकी संख्या महज 88 है। मालदीव के लोगों की सेवा के लिए भारत ने मालदीव को डोर्नियर 228 समुद्री गश्ती विमान और दो एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टर दे रखे हैं। इन्हें संचालित करने के लिए वहां भारतीय सैनिक तैनात हैं। इसके अलावा ये सैनिक डॉक्टर के तौर पर लोगों की सेवा करने के साथ-साथ वहां के पायलटों को ट्रेनिंग देते हैं और एक्सक्लूसिव इकॉनामिक जोन का सर्वे जैसे काम भी करते हैं।