भारत की तरफ से भी प्रतिबंध लगाए जाने पर सरकारी पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) को रोजाना चार फ्लाइट कुआलालंपुर, दो बैंकाक और दो दिल्ली के लिए रद्द करनी पड़ी हैं। पीआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इससे उसे अरबों रुपये का घाटा हो चुका है।
अधिकारी ने कहा, हमें न केवल बड़ा आर्थिक घाटा हो रहा है, बल्कि हमने अपने यात्री भी अन्य एयरलाइंस के खाते में गंवा दिए हैं। यदि दोनों देशों के बीच रेल व सड़क मार्ग बंद नहीं हैं तो वायु मार्ग भी क्यों संचालित नहीं हो सकते? उधर सीएए के प्रवक्ता मुज्तबा बेग से जब यह पूछा गया कि क्या सीएए ने इस घाटे के बारे में प्रधानमंत्री इमरान खान को लिखा है, तो बेग ने कहा, यह द्विपक्षीय मुद्दा है, जिसे दोनों देशों की सरकार को सुलझाना है।
भले ही पाकिस्तान का उड्उयन प्राधिकरण 15 मई को भारतीय विमानों के लिए हवाई क्षेत्र खुलने की संभावना जता रहा हो, लेकिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी और संघीय विज्ञान व तकनीकी मंत्री फवाद चौधरी ने इशारा किया है कि भारत में लोकसभा चुनाव खत्म होने तक हवाई क्षेत्र को लेकर यथास्थिति बरकार रह सकती है यानी फिलहाल भारतीय विमानों को पाकिस्तान से होकर खाड़ी देशों में या यूरोप जाने की इजाजत मिलने की उम्मीद नहीं है।
चौधरी ने कहा, मैं चुनाव खत्म होकर भारत में नई सरकार के गठन तक दोनों देशों के रिश्ते में सुधाई की कोई संभावना नहीं देख रहा हूं। मुझे लगता है कि दोनों देशों की तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ हवाई क्षेत्र में घुसने को लेकर लगाया गया प्रतिबंध भारतीय चुनावों तक जारी रहेगा।