आयरलैंड में छुट्टियां मनाने गए एक भारतीय परिवार को ट्रेन में नस्लीय दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। डबलिन जाने वाली ट्रेन में सवार भारतीय परिवार को देख एक व्यक्ति ने राष्ट्रीयता, त्वचा के रंग और लहजे पर अभद्र टिप्पणी की।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, घटना के समय प्रसून भट्टाचार्जी आयरलैंड के तीन दिवसीय दौरे पर अपने परिवार के साथ बेलफास्ट से डबलिन जा रहे थे। आयरलैंड की अप्रवासी परिषद ने घटना की जानकारी होने पर भट्टाचार्जी और उनके माता-पिता को फोन कर जानकारी ली।
भट्टाचार्जी ने बताया कि घटना के समय आरोपी शराब पी रहा था। उसने त्वचा का रंग, राष्ट्रीयता और अन्य चीजों के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया। यह पूरा वाकया घंटों तक जारी रहा क्योंकि वह आदमी उनकी पास वाली सीट पर ही बैठा था। भट्टाचार्जी ने बताया, ''इस घटना में गार्ड ने भी हमारी कोई मदद नहीं की। उन्होंने आरोपी को ट्रेन से नहीं उतारा। हमें बहुत बुरा लगा''
एक अन्य सहयात्री पीटर ने बताया कि गार्ड चाहता तो और मदद कर सकता था लेकिन उसने नहीं किया। गार्ड ने आरोपी को बैठने के लिए कहा लेकिन उसके नस्लीय दुर्व्यवहार के संबंध में कोई बात नहीं की। आयरलैंड की आप्रवासी परिषद के संचार और कानूनी प्रबंधक पिप्पा वूल्नो ने कहा कि इस नस्लवादी घटना से निपटने के लिए अधिक सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
आयरिश रेल के प्रवक्ता बैरी केनी ने कहा कि यह एक चौंकाने वाली घटना थी और आयरिश रेल को इसके लिए बहुत खेद है। इस परिवार ने हमारी ट्रेन सेवाओं में से एक पर दुर्व्यवहार का अनुभव किया।
उन्होंने कहा कि ट्रेन में चल रहे कर्मियों ने नस्लीय उत्पीड़न को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने ट्रेन के डबलिन आगमन पर उनके लिए सुरक्षा की भी व्यवस्था की। आयरिश रेल ने सोशल मीडिया के द्वारा भट्टाचार्जी से संपर्क किया और जांच में सहायोग मांगा।
बैरी केनी ने कहा कि हमने पीड़ित से जानकारी लेने के लिए संपर्क किया है। हम आयरलैंड में उन्हें पुलिस की सुरक्षा भी प्रदान करेंगे। हम सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपित को पकड़ लेंगे। इस तरह की टिप्पणियों का हमारी ट्रेन या समाज में कोई स्थान नहीं है।