जलवायु कार्यकर्ता लिसिप्रिया कनगुझम
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि कॉप-25 में भारत की आठ साल की जलवायु कार्यकर्ता लिसिप्रिया कनगुझम की उपस्थिति यादगार रही और इस बच्ची ने दुनिया को भावी पीढ़ियों के प्रति उसके दायित्वों को याद दिलाया। बता दें कि जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान कनगुझम ने गुटेरस से मुलाकात की थी और दुनिया के बच्चों की ओर से ज्ञापन प्रस्तुत किया।
गुटेरस ने बृहस्पतिवार को ट्वीट कर कहा, मुझे आज कॉप-25 सम्मेलन में कनगुझम से मिलकर खुशी हुई। उसकी उपस्थिति हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारे दायित्वों की याद दिलाती है। उसकी वह पीढ़ी है, जिसके लिए हमें तत्काल जलवायु को लेकर कार्य करना होगा। कॉप-25 सम्मेलन में बोलते हुए कनगुझम ने दुनिया को उनके संकल्प की झलक दी क्योंकि उन्होंने वैश्विक नेताओं से जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अब काम करने का आग्रह किया।
पिता बोले, विशेष सत्र बुलाने की मांग
उसके पिता केके सिंह ने कहा कि चार पन्नों के ज्ञापन में सुझाव दिया गया है कि जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए और अधिक ठोस कार्यों के साथ हम सभी के लिए एक बेहतर दुनिया का निर्माण करें। सिंह ने कहा कि मणिपुर की इस जलवायु कार्यकर्ता ने जलवायु संकट से लड़ने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की।
भारत में 100 जंगल उगाएगा अमेरिकी-सिख संगठन
अमेरिका का एक सिख संगठन पंजाब व भारत के अन्य हिस्सों में 100 जंगल उगाएगा। जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों के तहत इकोसिख संगठन ने वन रोपण का संकल्प लिया। इकोसिख के सदस्यों ने वाशिंगटन में अपने सातवें सम्मेलन के दौरान संकल्प लिया कि वे पंजाब व दुनिया के अन्य हिस्सों में गुरु नानक सैक्रेड फोरेस्ट नाम से वनों का रोपण करेंगे।
संगठन ने कहा, 100 वनों के रोपण से इकोसिख को गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य में 10 लाख पेड़ लगाने के लक्ष्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इकोसिख अब तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू और चंडीगढ़ में देशी प्रजातियों के 550 पेड़ों के 120 छोटे वन रोपित कर चुका है।