नेपाली पर्यटन विभाग के निदेशक युवराज खातीवाड़ा ने कहा कि पेसमेकर से लैस भारतीय पर्वतारोही सुजैन लियोपोल्डिना बेस कैंप पर ट्रेनिंग के दौरान मापदंडों में फिट नहीं थी। इसलिए उन्हें माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए मना किया था, जिसे उन्होंने नकार दिया था।
नेपाल में भारतीय पर्वतारोही की मौत हो गई। नेपाल के सोलखंब जिले में इलाज के दौरान गुरुवार को पर्वतारोही ने दम तोड़ दिया था। नेपाल के पर्यटन विभाग ने इसकी पुष्टि की है।
यह है पूरा मामला
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नेपाली पर्यटन विभाग के निदेशक युवराज खातीवाड़ा ने कहा कि पेसमेकर से लैस भारतीय पर्वतारोही सुजैन लियोपोल्डिना बेस कैंप पर ट्रेनिंग के दौरान मापदंडों में फिट नहीं थी। इसलिए उन्हें माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए मना किया था, जिसे उन्होंने नकार दिया था। सुजैन 5800 मीटर तक चढ़ी थी, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें वापस उतार लिया गया। सुजैन को बुधवार शाम किराए के हेलीकॉप्टर से लुकला शहर ले गए थे, जिसे वहां के अस्पताल में भर्ती किया था। खातीवाड़ा के अनुसार, सुजैन पेसमेकर के साथ एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली एशियाई महिला बनने का विश्व रिकॉर्ड बनाना चाहती थी।
15-20 मिनट की दूरी 12 घंटे में पूरी की
ग्लेशियर हिमालयन ट्रैक के अध्यक्ष डेंडी शेरपा ने बताया कि पांच दिन पहले ही सुजैन को ट्रेनिंग के लिए मना कर दिया था। ट्रेनिंग के दौरान वह एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए फिट नहीं थी। लेकिन सुजैन सुनने को तैयार नहीं थी। शेरपा ने बताया कि सुजैन को बेस कैंप से क्रॉम्पटन पॉइंट पहुंचने में पांच घंटे से अधिक का समय लग गया, जो सिर्फ 250 मीटर लंबा था। शेरपा के अनुसार, आमतौर पर एक पर्वतारोही इस दूरी को 15-20 मिनट में पूरी कर लेता है। लेकिन सुजैन ने पहले प्रयास में पांच घंटे लगा दिए। वहीं दूसरे में छह तो तीसरे में 12 घंटे से अधिक समय लगा दिया।
पहले भी हो चुकी है मौत
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नेपाल के अधिकारियों ने बताया कि सुजैन के परिवार को सूचित कर दिया गया है। शुक्रवार शाम तक उनके परिजन काठमांडू पहुंच जाएंगे। गुरुवार सुबह माउंट एवरेस्ट चढ़ते वक्त एक चीनी पर्वतारोही की भी मौत हो गई थी। इसके बाद इस सीजन में मृतकों की कुल संख्या आठ हो गई है। एवरेस्ट पर चढ़ते वक्त हुई मौतों में चार शेरपाओं, एक अमेरिकी डॉक्टर और एक मोल्दोवन पर्वतारोही शामिल हैं।