अमेरिका में एक भारतीय ने करीब 80 लाख डॉलर के रोबोकॉल घोटाले में साजिश रचने और लोगों से पैसा वसूलने का दोष स्वीकार कर लिया है। इस घोटाले में अमेरिका के हजारों लोगों के साथ धोखाधड़ी हुई थी, इनमें सबसे अधिक बुजुर्ग शामिल थे।
अमेरिका के न्याय विभाग ने कहा है कि दस्तावेजों के मुताबिक, शहजाद खान पठान (39) गुजरात के अहमदाबाद में एक कॉल सेंटर चलाता था और यहां से अमेरिका में पीड़ितों को स्वचालित रोबोकॉल किए जाते थे।
इन कॉल के जरिये पठान और उसके साथी लोगों से मोटी रकम वसूलते थे। वे कई योजनाओं के झांसे में लोगों को पैसा भेजने के लिए राजी कर लेते थे। कई बार वे एफबीआई या अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर उन पर पैसा देने का दबाव बनाते थे।
दस्तावेजों के मुताबिक, पीड़ितों से आने वाले धन को एकत्र करने के लिए अमेरिका के कई राज्यों में पठान के लिए काम करने वाले लोग थे। इस तरह पठान ने अमेरिका में पांच हजार से अधिक पीड़ितों से कम से कम 80 लाख डॉलर की धोखाधड़ी की थी। गौरतलब है कि पठान को 14 मई को सजा सुनाई जाएगी तथा उसे अधिकतम बीस साल की कैद हो सकती है।