युगांडा में एक भारतीय व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना युगांडा के किसोरो शहर की है। जहां एक पुलिस कांस्टेबल ने 24 वर्षीय एक भारतीय व्यवसायी की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आरोपी पुलिस कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतक भारतीय व्यवसायी की पहचान कुंताज पटेल के रूप में हुई है। वह मूल रूप से गुजरात के रहने वाले थे।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फील्ड फोर्स यूनिट (एफएफयू) के 21 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल इलियोडा गुमीजामु पर हत्या का आरोप लगाया गया है। उसे 27 अक्टूबर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जब वह घटनास्थल से भागने की कोशिश कर रहा था। आरोप है कि इलियोडा गुमीजामु ने पिछले हफ्ते एक हार्डवेयर की दुकान पर धावा बोल दिया था और वहां काम करने वाले भारतीय पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
हमले के दौरान कुछ अन्य लोग भी थे साथ
रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि पटेल की दुकान पर हमला करने के समय आरोपी के साथ कुछ अन्य साथी भी थे। क्षेत्रीय पुलिस प्रवक्ता एली माटे ने बताया कि आरोपी व्यक्ति के अन्य साथियों को ट्रैक करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि बीते गुरुवार को अन्य साथियों के साथ लगभग 2 बजे लिस कांस्टेबल इलियोडा गुमीजामु ने भारतीय व्यवसायी को सीने में गोली मार दी। इसके बाद जब उसने मौके से भागने का प्रयास किया तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसे फिलहाल किसोरो पुलिस थाने में पूछताछ के लिए ले जाया गया है जिससे उसके मकसद पता चल सके।
इलाज के दौरान हुई मौत
माटे ने पीड़ित भारतीय के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोली लगने के बाद पीड़ित को गंभीर हालत में किसोरो जिले के मुतोलेरे में सेंट फ्रांसिस अस्पताल ले जाया गया। जहां कुछ घंटे इलाज चलने के बाद पटेल की मौत हो गई।
वहीं, कुंतज पटेल की दुकान में काम करने वाले एक कर्मचारी (जो घटना के वक्त मौके पर ही था) ने भी इस घटना के बारे में जानकारी दी है। कुंतज पटेल की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी गिल्बर्ट मविसेनेज़ा ने कहा कि वह और उसका मालिक एक ग्राहक के पास जा रहे थे। उसी समय, सशस्त्र अधिकारी अंदर आए और मालिक के सीने में गोली मार दी।
पीसी गुमीजामु की कार्रवाई निंदनीय
वहीं, किसोरो के रेजिडेंट डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर शफीक सेकंदी ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि पीसी गुमीजामु की कार्रवाई निंदनीय है। वह चार साल से फोर्स में थे। उनसे ऐसा करने की उम्मीद नहीं की जा सकती थी।
गौरतलब है कि यह घटना केन्या में दो भारतीयों के अपहरण के महीनों बाद कथित तौर पर मारे जाने के बाद हुई है। केन्या वाले मामले में जानकारी मिली है कि भारतीय विदेश मंत्रालय केन्या की सरकार से कार्रवाई में तेजी लाने के लिए अनुरोध किया है। वहीं, केन्याई सरकार ने रिपोर्ट पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।