भारतीय अमेरिकी अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों ने अमेरिकी संसद भवन के सामने ग्रीन कार्ड आवेदन के लंबित रहने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सांसदों तथा बाइडन प्रशासन से मांग की कि देश में स्थायी रूप से रहने का कार्ड हासिल करने के लिए प्रति व्यक्ति देश-विशेष का कोटा खत्म किया जाए। अमेरिका में ग्रीन कार्ड के करीब 4.73 लाख आवेदन लंबित हैं।
ग्रीन कार्ड को औपचारिक रूप से स्थायी निवास कार्ड के नाम से जाना जाता है। इसे अमेरिका प्रवासियों को जारी करता है। एच-1बी कार्य वीजा पर अमेरिका आने वाले भारतीय आईटी पेशेवर मुख्य रूप से मौजूदा आव्रजन व्यवस्था के चलते बुरी तरह से प्रभावित हैं।
संक्रामक रोग के डॉक्टर राज कर्नाटक और फेफड़ों के डॉक्टर प्रणव सिंह ने कहा, हम अग्रिम पंक्ति के कोविड-19 योद्धा हैं और हम पूरे देश से यहां पर इंसाफ मांगने आए हैं। उस न्याय के लिए आए हैं जिसे हमसे दशकों से वंचित किया हुआ है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के आयोजक दो भारतीय अमेरिकी डॉक्टरों ने कहा, हममें से अधिकतर भारतीय हैं। हमारा प्रशिक्षण अमेरिका में हुआ है और हम लोग ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में सेवा दे रहे हैं। लेकिन ग्रीन कार्ड आवेदन लंबित होने के कारण हम अपनी नौकरी तक नहीं बदल सकते हैं।