अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने वकील और राजनयिक रिचर्ड वर्मा को विदेश उपमंत्री नामित किया है। सीनेट की मुहर के बाद वर्मा विधिवत पदभार संभालेंगे। बाइडन के फैसले का भारतीय-अमेरिकी निकाय ने स्वागत किया है।
यदि सीनेट द्वारा रिचर्ड वर्मा की नियुक्ति की पुष्टि कर दी जाती है, तो वे अमेरिकी विदेश विभाग में सर्वोच्च रैंकिंग पाने वाले भारतीय-अमेरिकी होंगे। रिचर्ड वर्मा भारत में अमेरिकी राजदूत भी रह चुके हैं। इससे पहले दिसंबर में व्हाइट हाउस ने एलान किया था कि राष्ट्रपति बाइडन ने 54 वर्षीय वर्मा को अमेरिकी विदेश मंत्रालय में प्रबंधन व संसाधन मामलों के उपमंत्री के तौर पर मनोनीत करने का फैसला किया है।
इंडियन-अमेरिकन इंपैक्ट फंड ने एक बयान जारी कर कहा कि यह मनोनयन मौजूदा अमेरिकी प्रशासन को और विविधिकृत करने के राष्ट्रपति बाइडन के संकल्प की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम है। भारतवंशियों के इस संगठन ने कहा कि वर्मा का अमेरिकी विदेश विभाग में शामिल होना उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और शानदार करियर का नतीजा है।
वर्मा के मनोनयन से भारतवंशी रोमांचित
इंडियन अमेरिकन इंपैक्ट फंड के कार्यकारी निदेशक नील माखीजा ने कहा कि हम एक और दूरदर्शी दक्षिण एशियाई नेता के मनोनयन से रोमांचित हैं और स्वागत करते हैं। वर्मा लंबे समय से हमारे समुदाय के एक अनुकरणीय और अभिन्न सदस्य रहे हैं। हम राष्ट्रपति बाइडन द्वारा उन्हें अमेरिका के विदेश उपमंत्री के रूप में नामित करने के फैसले से उत्साहित हैं। उम्मीद है कि अमेरिकी सीनेट जल्द ही उनके नामांकन की पुष्टि करेगी।
वर्तमान में मास्टरकार्ड के मुख्य कानूनी अधिकारी और कंपनी की वैश्विक सार्वजनिक नीति के प्रमुख रिचर्ड वर्मा ने 16 जनवरी, 2015 से 20 जनवरी, 2017 तक भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में कार्य किया।
आधा दर्जन भारतीयों का मनोनयन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पिछले दिनों कम से कम आधा दर्जन भारतीय अमेरिकियों को प्रमुख प्रशासनिक पदों पर फिर से नामित किया था। इनमें रिचर्ड वर्मा के अलावा डॉ. विवेक हालेगेरे मूर्ति, अंजलि चतुर्वेदी, रवि चौधरी, गीता राव गुप्ता, राधा अयंगर प्लंब को नामित किया है।
एरिक गार्सेटी बने भारत में अमेरिकी राजदूत
इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एरिक गार्सेटी को एक बार फिर भारत में अगले राजदूत के तौर पर नामित किया है। व्हाइट हाउस ने उम्मीद जताई है कि इस बार अमेरिकी सीनेट की उनके नाम की पुष्टि की जाएगी। व्हाइट हाउस ने उनका नाम सीनेट के पास भेजने के बाद एक बयान में कहा, कैलिफोर्निया के एरिक एम. गार्सेटी भारत में अमेरिका के राजदूत हो सकते हैं। भारत में अमेरिकी राजदूत का पद पिछले करीब दो साल से खाली है।