कनाडा में भारतीय मूल के 25 वर्षीय शख्स को कथित तौर पर कई अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन घोटालों में शामिल होने के संबंध में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को देश के बाहर स्थित लोग पैसों की हेराफेरी के लिए काम पर रखते थे।
विदेशों से लोग पैसों की हेराफेरी के लिए आरोपी को काम पर रखते थे
रॉयल कनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने बताया कि ओंटारियो के ब्रैम्पटन में रहने वाले अभिनव बेक्टर पर आरोप है कि उसने 5000 अमेरिकी डॉलर से ज्यादा की हेराफेरी की और धन शोधन किया। टेलीफोन घोटाले और अन्य मामलों की जांच के लिए अक्तूबर 2018 में आरसीएमपी ने ‘ऑक्टाविया जांच’ शुरू की थी जिसके बाद यह गिरफ्तारी की गई।
बताया गया कि इस जांच के दौरान अब तक 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। विज्ञप्ति के अनुसार, टेलीफोन से धोखाधड़ी करने वाले ये लोग देश के बाहर से काम करते थे और 2014 से कनाडा के लोगों को अपना निशाना बनाते रहे हैं। भारत में अवैध कॉल सेंटरों पर हुई छापेमारी और कनाडा में हुई गिरफ्तारी के बावजूद ये आरोपी धोखा देने की अपनी रणनीति बदल कर कनाडाई लोगों को ठग रहे थे।
इस तरह लोगों को बनाया निशाना
इस मामले में अक्तूबर को कनाडा के नमन ग्रोवर को गिरफ्तार किया गया था। तीन अन्य फरार आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए गए। पुलिस के अनुसार, ये घोटालेबाज खुद को कनाडा राजस्व एजेंसी (सीआरए), बैंकों, आव्रजन और तकनीकी सहायता एजेंसियों के प्रतिनिधि बताकर कनाडाई को निशाना बनाते हैं। घोटालेबाजों ने धन उगाही के लिए स्थानीय लोगों को काम पर रखा है।