अमेरिका में भारतीय राजदूत तरनजीत संधू ने भारतीय छात्रों को संबोधित करते हुए कहा है कि उन्हें कोरोना के कारण अकादमिक सत्रों में होने वाले नुकसान को लेकर जरा भी चिंता करने या घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि कोरोना एक अस्थायी महामारी है, जो ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं है।
संधू ने डिजिटल माध्यम से 50 से अधिक छात्रों को संबोधित किया और कहा कि परेशान होने की बजाय उन्हें इस तरह की स्थिति से और ज्यादा कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा लेनी चाहिए। साथ ही आत्मनिर्भर, आधुनिक, संपन्न तथा खुशहाल भारत बनाने में अपना योगदान देना चाहिए।
संधू ने आगे कहा, भारत और अमेरिका में अकादमिक सत्र के प्रति अनिश्चितता और शिक्षण के नए तौर-तरीके भारी भरकम लग सकते हैं। लेकिन पुरानी कहावत याद रखें कि कठिन समय की उम्र ज्यादा नहीं होती लेकिन लेकिन लोग रह जाते हैं।
उन्होंने कहा कि यह चुनौतियां अस्थायी हैं और इनसे डर कर हमें अपने सपनों को सच करने के प्रयास नहीं छोड़ने चाहिए। संधू ने कहा, हमारे पास सैकड़ों चुनौतियों का समाधान निकालने की क्षमता है। महामारी से मुकाबला करने में हमारे देश की दृढ़ता से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।