भारत का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल मॉस्को के दौरे पर है। यहां प्रतिनिधिमंडल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जानकारी दी। इस दौरान भारत पाकिस्तान संघर्ष विराम में ट्रंप की मध्यस्थता को लेकर उठे सवालों का प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने जवाब दिया।
भारत पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम में मध्यस्थता करने के दावे को रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अनुरोध पर संघर्ष विराम किया गया था।
विज्ञापन
रूस में भारतीय राजदूत विनय कुमार ने कहा कि भारतीय नेताओं से बात करने वाले दुनियाभर के सभी नेताओं के लिए हमारा संदेश स्पष्ट था कि यदि पाकिस्तान संघर्ष विराम चाहता है, तो उन्हें बस भारतीय सैन्य कमांड को कॉल करना होगा। भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में हवाई ठिकानों पर हमला करने के बाद पाकिस्तान की बढ़ती आक्रामकता का जवाब देते हुए पाकिस्तानी DGMO ने भारतीय पक्ष से संघर्ष विराम को अनुरोध किया और हमने उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
इससे पहले ट्रंप के दावे को लेकर डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि जब ऐसा कुछ होता है, तो कई राष्ट्राध्यक्ष एक-दूसरे से बात करते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि स्वतंत्र देश स्वतंत्र रूप से निर्णय लेते हैं कि उन्हें क्या करना है।
आतंक को जवाब देना भारत के पास एकमात्र विकल्प
मॉस्को में ऑपरेशन सिंदूर पर डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि भारत के पास जवाब देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। लेकिन जब भारत ने जवाब दिया, तो हमने जिम्मेदारी से जवाब दिया। हमने सुनिश्चित किया कि कोई भी नागरिक प्रभावित न हो, सैन्य ठिकानों को कोई नुकसान न पहुंचे। हमने केवल उन प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जहां आतंकवादी पनाह लेते थे और प्रशिक्षित थे। उन्होंने जवाबी कार्रवाई जारी रखी, गुरुद्वारों, मंदिरों, आवासीय क्षेत्रों जहां भारतीय नागरिक रहते थे और यहां तक कि हमारे सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया।