भारत-अमेरिका रक्षा तकनीक एवं कारोबार नवोन्मेष (डीटीटीआई) की अगले सप्ताह दिल्ली में होने वाली सामूहिक बैठक से पहले शनिवार को पेंटागन ने कहा कि इस साल के अंत तक दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय रक्षा कारोबार करीब एक लाख 20 हजार करोड़ रुपये (18 अरब अमेरिकी डॉलर) तक पहुंचने की संभावना है।
रक्षा खरीद एवं प्रमाणन उपमंत्री एलेन एम लॉर्ड ने कहा कि दोनों देश की सेनाओं के बीच संबंध एवं सहयोग को आगे बढ़ाते हुए अमेरिका भारत के साथ अपनी साझेदारी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने पेंटागन में संवाददाताओं से कहा कि द्विपक्षीय रक्षा कारोबार जो कि 2008 में शुरुआत शून्य पर था, उसके इस साल के अंत तक करीब एक लाख 20 हजार करोड़ रुपये (18 अरब डॉलर) पर पहुंचने की संभावना है।
लॉर्ड यहां अगले सप्ताह होने वाली डीटीटीआई की बैठक की सह अध्यक्षता करेंगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पिछले साल भारत को इंडिया स्ट्रैटजिक ट्रेड अथॉरिटी टियर1 का दर्जा दिया था जो कि भारत को नाटो सहयोगी जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जितने ही अधिकार देता है।