भारत ने पाकिस्तान से 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई और स्वदेश वापसी में तेजी लाने का आग्रह किया। इसी के साथ भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार से कहा है कि जब तक भारतीय नागरिक और मुछआरे पाकिस्तान की कैद में हैं, तब तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित किया जाए।
भारत ने गुरुवार (01 जनवरी) को पाकिस्तान से 167 भारतीय मछुआरों और आम कैदियों को उनकी जेल की सजा पूरी होने के बाद जल्द से जल्द रिहा करने और वापस भेजने का आग्रह किया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि इसके अलावा पाकिस्तान से उसकी हिरासत में मौजूद 35 आम कैदियों और मछुआरों को तुरंत काउंसलर पहुंच देने के लिए भी कहा गया है, जिनके भारतीय होने का संदेह है।
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नई दिल्ली ने यह अनुरोध दोनों देशों द्वारा नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूचियों के आदान-प्रदान के संदर्भ में किया है, जो 2008 के एक समझौते के ढांचे के तहत प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में 1 जनवरी और 1 जुलाई को ऐसा करने की प्रथा का हिस्सा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत ने अपनी हिरासत में मौजूद 391 आम कैदियों और 33 मछुआरों के नाम और जानकारी साझा की है, जो पाकिस्तानी हैं या जिनके पाकिस्तानी होने का संदेह है। इसी तरह पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में मौजूद 58 आम कैदियों और 199 मछुआरों की जानकारी साझा की हैं, जो भारतीय हैं या जिनके भारतीय होने का संदेह है।
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167 भारतीय मछुआरों और आम कैदियों की रिहाई का आग्रह
एक बयान में कहा गया है, "भारत सरकार ने पाकिस्तान की हिरासत से आम कैदियों, मछुआरों के साथ-साथ उनकी नावों और लापता भारतीय रक्षा कर्मियों को जल्द रिहा करने और वापस भेजने का आह्वान किया है। पाकिस्तान से 167 भारतीय मछुआरों और आम कैदियों को जल्द रिहा करने और वापस भेजने का भी आग्रह किया गया है, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है।"
जानिए अब तक कितने कैदियों की हुई वापसी?
नई दिल्ली ने विशेष रूप से पाकिस्तान से सभी भारतीय और जिनके भारतीय होने का संदेह है, ऐसे आम कैदियों और मछुआरों की रिहाई और वापसी तक उनकी सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए कहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा, "भारत सरकार के लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप 2014 से अब तक 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय आम कैदियों को पाकिस्तान से वापस भेजा गया है।" बताया गया कि, "इसमें 500 भारतीय मछुआरे और 13 भारतीय आम कैदी शामिल हैं, जिन्हें 2023 से अब तक पाकिस्तान से वापस भेजा गया है।"