जम्मू और कश्मीर में राजनीतिक लाभ के लिए महिला अधिकारों को मुद्दा बनाने को लेकर भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा है। यूएनजीए में भारत ने कहा कि जिस देश में सम्मान के नाम पर महिलाओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है, वो भारत के बारे में बेबुनियाद बयान दे रहा है, यह विडंबना नहीं है तो क्या है!
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन में प्रथम सचिव पॉलोमी त्रिपाठी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति के 'महिलाओं की उन्नति' सत्र के दौरान कहा कि 'महासभा की पहली महिला अध्यक्ष विजया लक्ष्मी पंडित से लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) की महिला वैज्ञानिकों तक, भारतीय महिलाओं ने हमेशा से लोगों को प्रेरित किया है।
उन्होंने समिति के समक्ष कहा कि हमें महिलाओं के सशक्तीकरण और लैंगिक समानता की दिशा में काम करना चाहिए। राजनीतिक लाभ के लिए केवल बयानबाजी के जरिए महिला अधिकारों के मुद्दों को हथियार बनाने के लिए यहां कोई जगह नहीं है।
उन्होंने बिना नाम लिए पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल पर हमला किया। कहा कि आज एक प्रतिनिधिमंडल ने मेरे देश के आंतरिक मामलों के बारे में अनुचित संदर्भ देकर इस एजेंडे का राजनीतिकरण करना चाहा। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में छह समितियों मेंसे यह भी एक समिति है, जो सामाजिक, मानवीय मामलों और मानवाधिकार मुद्दों से संबंधित है।