भारत ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों को अनंतकाल तक नहीं चलना चाहिए। इन अभियानों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की रणनीति बनाने की तत्काल जरूरत है ताकि वे राजनीतिक हितों को बढ़ावा देने का जरिया न बन जाएं। बता दें कि भारत उन देशों में शुमार है जिसके सबसे ज्यादा जवान शांति अभियानों में शामिल होते हैं।
शांति अभियानों पर विशेष समिति पर आम बहस के दौरान संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि वर्तमान शांति अभियान बहुआयामी हैं और इनका मकसद सिर्फ शांति और सुरक्षा बनाए रखना नहीं बल्कि राजनीतिक प्रक्रिया में मदद देना, नागरिकों की रक्षा करना, लड़ाकों से हथियार डलवाना, चुनावों में सहायता करना, मानवाधिकारों की रक्षा करना और कानून के शासन को बहाल करना भी है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शांति बलों की तैनाती में भारत ने हमेशा नो नेशनल कैविएट पालिसी अपनाने का समर्थन किया है।
इराक चुनाव में निगरानी के आग्रह को भारत का समर्थन
भारत ने अक्तूबर में इराक के संसदीय चुनाव कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र से पर्यवेक्षण (निगरानी) के अनुरोध का पुरजोर समर्थन किया है। भारत के यूएन में स्थायी प्रतिनिधि तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत संप्रभुता का सम्मान करने वाली और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने वाली किसी भी पहल का अनुमोदन करता है। उन्होंने कहा कि इराक में चुनाव देश में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने का मौका होगा।