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Vikram Launcher: स्काईरूट से नैनो उपग्रह लॉन्च कराएगी फ्रांसीसी कंपनी प्रोमेथी! PM के दौरे के बीच बनी सहमति

Fri, 14 Jul 2023 08:08 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

स्काईरूट के सह-संस्थापक पवन कुमार चंदना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस की आधिकारिक यात्रा के मौके पर प्रोमेथी के अध्यक्ष ओलिवियर पिएप्सज के साथ चर्चा की। चर्चा के बाद दोनों कंपनियों ने साझा बयान जारी कर जानकारी दी।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : SOCIAL MEDIA
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विस्तार
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फ्रांस की अंतरिक्ष क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी प्रोमेथी अपने नैनो उपग्रह लॉन्च कराने के लिए भारतीय स्टार्टअप स्काईरूट के साथ संपर्क में है। कंपनी ने खुद शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी है। कंपनी ने बताया कि वह भारतीय स्टार्ट-अप स्काईरूट एयरोस्पेस में विकसित हो रहे लॉन्च वाहनों की विक्रम-श्रृंखला के जरिये अपने नैनो उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने की संभावना तलाश रही है।

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फ्रांस में हुई वार्ता
दरअसल, स्काईरूट के सह-संस्थापक पवन कुमार चंदना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस की आधिकारिक यात्रा के मौके पर प्रोमेथी के अध्यक्ष ओलिवियर पिएप्सज के साथ चर्चा की। चर्चा के बाद दोनों कंपनियों ने साझा बयान जारी कर जानकारी दी। साझा बयान में बताया गया कि चंदना और पिएप्सज ने जेपेटस पृथ्वी अवलोकन तारामंडल की तैनाती प्रक्रिया में स्काईरूट के विक्रम लॉन्चर के एकीकरण का अध्ययन करने का निर्णय लिया है। 

गौरतलब है कि प्रोमेथी पृथ्वी अवलोकन के लिए नैनोसैटेलाइट तारामंडल का एक फ्रांसीसी नया-अंतरिक्ष ऑपरेटर है। जनवरी 2020 में पिएप्सज और जियाओ-मिन्ह गुयेन ने प्रोमेथी अंतरिक्ष की स्थापना की थी।
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2018 में हुई थी स्काईरूट एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना
इसरो के पूर्व इंजीनियरों ने चंदाना और डाका ने 2018 में स्काईरूट एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड नामक स्टार्टअप बनाया था। चंदाना आईआईटी खड़गपुर और डाका आईआईटी मद्रास से पढ़े हैं। इसरो में चंदाना ने देश के सबसे बड़े रॉकेट जीएसएलवी एमके-3 जैसे अहम प्रोजेक्ट पर काम किया जबकि डाका ने इसरो में फ्लाइट कंप्यूटर इंजीनियर के तौर पर तमाम अहम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयरों पर काम किया। स्काईरूट पहला ऐसा स्टार्टअप है जिसने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ रॉकेट बनाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

विक्रम रॉकेट के तीन वेरिएंट विकसित कर रही कंपनी
कंपनी ने पिछले साल नवंबर में भारत में पहले निजी तौर पर निर्मित अंतरिक्ष रॉकेट विक्रम-एस का सफल प्रक्षेपण किया था। वहीं, अब स्काईरूट एयरोस्पेस विक्रम रॉकेट के तीन वेरिएंट विकसित कर रहा है। इनमें, विक्रम-I 480 किलोग्राम पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा में ले जाने में सक्षम होगा। वहीं, विक्रम-II को 595 किलोग्राम कार्गो के साथ उड़ान भरने के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि विक्रम-III 815 किलोग्राम पेलोड के साथ 500 किमी कम झुकाव वाली कक्षा में लॉन्च करने में सक्षम होगा।
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