भारत ने अपने आधुनिक वायु रक्षा तंत्र इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (आईएडीडब्ल्यूएस) का सफल परीक्षण किया है। इस प्रणाली का सबसे खास हिस्सा है हाई-पावर लेजर आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (डीईडब्ल्यू), जिसे अब तक केवल कुछ ही देशों ने विकसित किया है। भारत की इस उपलब्धि पर चीन के एक सैन्य विशेषज्ञ ने इसे महत्वपूर्ण प्रगति करार दिया है।
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क्या है आईएडीडब्ल्यूएस?
आईएडीडब्ल्यूएस एक बहु-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है। इसमें तीन प्रमुख हिस्से शामिल हैं। पहला- क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल (क्यूआरएसएएम)- वाहन आधारित त्वरित प्रतिक्रिया मिसाइल प्रणाली; दूसरा- वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (वीएसएचओआरएडीएस)- सैनिकों की तरफ से संचालित छोटी दूरी की वायु रक्षा मिसाइल और तीसरा- हाई-पावर लेजर डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (डीईडब्ल्यू)- लेजर किरणों से लक्ष्य को मार गिराने वाली तकनीक है। यह प्रणाली दुश्मन के ड्रोन, क्रूज मिसाइल, हेलीकॉप्टर और निचली ऊंचाई पर उड़ने वाले लड़ाकू विमान को रोकने के लिए बनाई गई है।
क्यों खास हैं लेजर आधारित हथियार?
चीनी रक्षा विशेषज्ञ वांग या'नान, जो एयरोस्पेस नॉलेज पत्रिका के मुख्य संपादक हैं, ने कहा, क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल और वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम जैसे हथियार नई तकनीक नहीं हैं। लेकिन लेजर आधारित हथियार (डीईडब्ल्यू) वास्तव में बड़ी तकनीकी प्रगति हैं।
लेजर हथियारों की खासियतें
ये हथियार प्रकाश की गति से हमला करते हैं और इनका ऑपरेशन बिल्कुल शांत होता है। इसके साथ ही इन हथियारों की क्षमता लगातार चलने की होती है, वहीं इनका निशाना सटीक होता है। जबकि इन हथियारों की लागत बेहद किफायती भी होती है। दुनिया के केवल कुछ ही देश; अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन, जर्मनी और इस्राइल; के पास ऐसी तकनीक है।
चीन ने भी विकसित किया है लेजर हथियार
चीन के पास पहले से एलडब्ल्यू-30 वाहन आधारित लेजर डिफेंस सिस्टम मौजूद है, जिसे खास तौर पर ड्रोन मार गिराने वाला हथियार माना जाता है। चीन इसे अपने आधुनिक रक्षा कार्यक्रम का अहम हिस्सा बताता है।
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भारत की प्रगति पर चीन की प्रतिक्रिया क्यों अहम?
चीन खुद भी अपनी सेना के लिए भारी मात्रा में आधुनिक हथियार बना रहा है। इसके साथ ही वो पाकिस्तान को भी बड़ी मात्रा में हथियार उपलब्ध कराता है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसआईपीआरआई) की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान को मिलने वाले 81 फीसदी सैन्य हथियार चीन से आते हैं। हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल करने की कोशिश की थी।
ओडिशा तट से हुआ सफल परीक्षण
शनिवार को ओडिशा के तट से भारत ने इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम का फ्लाइट टेस्ट किया। यह परीक्षण ऑपरेशन सिंदूर के लगभग तीन महीने बाद हुआ है, जिससे भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी रक्षा तैयारियां लगातार मजबूत हो रही हैं।