भारत के नए राजदूत विक्रम दोरईस्वामी ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्रालय को अपने साख पत्र की प्रति सौंपी और दूतावास के एक कार्यक्रम में शामिल हुए। वरिष्ठ राजनयिक दुरईस्वामी पहले ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त रह चुके हैं। पढ़िए रिपोर्ट-
भारत के नए राजदूत विक्रम दुरईस्वामी ने चीन के सहायक विदेश मंत्री होंग लेई को अपने साख पत्र (क्रेडेंशियल्स) की एक प्रति सौंपी। दुरईस्वामी ने गुरुवार को भारतीय दूतावास में आयोजित एक समारोह में भी हिस्सा लिया, जो ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया था।
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भारतीय दूतावास ने क्या जानकारी दी?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भारतीय दूतावास ने एक पोस्ट किया। इस पोस्ट में लिखा गया। राजदूत दुरईस्वामी ने बीजिंग में चीन के सहायक विदेश मंत्री और प्रोटोकॉल विभाग के महानिदेशक होंग लेई को अपने साख पत्रों की एक प्रति सौंपी।
दूतावास की पोस्ट में कहा गया कि सभी ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प को याद करते हुए उन्हें सलाम किया। साथ ही पहलगाम आतंकी हमले के निर्दोष पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई और आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ लड़ने का संकल्प दोहराया गया।
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विक्रम दुरईस्वामी कौन हैं?
विक्रम दुरईस्वामी भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 1992 बैच के अधिकारी हैं।
पिछले रविवार को जब वह बीजिंग पहुंचे, तो चीनी और भारत के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
चीन में नियुक्ति से पहले वह ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त के रूप में कार्यरत थे।
मंदारिन भाषा जानते हैं दुरईस्वामी
दुरईस्वामी मंदारिन भाषा जानते हैं और अपने करियर के शुरुआत में उन्होंने हांगकांग और बीजिंग स्थित भारतीय मिशनों में भी काम किया। उनकी यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब भारत और चीन अपने संबंधों को फिर से सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं। 2020 में पूर्वी लद्दाख में हुए सैन्य झड़प के बाद ये संबंध काफी प्रभावित हुए थे। फिलहाल दोनों देश कई क्षेत्रों में संबंध सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिसमें वीजा सेवा और सीधी उड़ानों की बहाली भी शामिल है।